*कृषि प्रधान देश को अडानी-अंबानी प्रधान देश बनने नहीं देंगे - एनसीपी* प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के चुनिंदा उद्योगपतियों के हवाले देश के संसाधनों को सौंपने की रणनीति के तहत तीनों काले कृषि कानूनों को लाया है ताकि कृषि प्रधान देश को अडानी-अंबानी प्रधान देश बनाया जा सके। उपर्युक्त बातें संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आहूत भारत बंद को सक्रिय समर्थन देते हुए एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने कहा। श्री केशरी अपने समर्थकों के साथ सड़कों पर उतरकर बंद की अपील करते हुए कहा कि किसानों के मसीहा शरद पवार कृषि को उद्योग का दर्जा दिलाने के लिए कृतसंकल्पित हैं लेकिन इसके उलट पीएम मोदी उद्योगपतियों को कृषि hअर्थव्यवस्था पर नाजायज तरीके से कब्जा दिलाने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं जिसे एनसीपी कार्यकर्ता किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। एनसीपी नेता संजय केशरी ने आगे कहा कि कृषि प्रधान मुंगेर संसदीय क्षेत्र से सांसद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह को तीनों काले कृषि कानूनों का समर्थन करना महंगा पड़ेगा। श्री केशरी के साथ एनसीपी कार्यकर्ताओं ने दो नंबर गुमटी से जुलूस निकालकर दलहट्टा, मोगल बाजार, रायसर, नीलम सिनेमा एवं गुलजार पोखर आदि क्षेत्रों का भ्रमण कर भारत बंद में लोगों के समर्थन की अपील की। इस अवसर पर महिला नेत्री संयुक्ता कुमारी, किरण देवी, वरीय नेता अजय प्रसाद सिंह, शंकर यादव, सुधीर यादव, मनोज साह, अजय सिन्हा, निरंजन गुप्ता, रतन सिन्हा, बबलु गुप्ता, मो० शाहनवाज़, मो० एहसान, पप्पू मंडल, ललन बिंद, संजीव कुमार एवं सत्यनारायण साह सहित अनेकों कार्यकर्ता मौजूद थे।
