बाढ़ राहत शिविर में शरण लिए बच्चों के लिए उपलब्ध कराया दूध और पोषण लड्डू - बच्चों को कुपोषणमुक्त और लड़कियों-महिलाओं को संक्रमणमुक्त कराने के लिए आईसीडीएस की विशेष पहल - लड़कियों और महिलाओं को माहवारी के दौरान संक्रमणमुक्त कराने को सैनिटरी नैपकिन का वितरण - मुंगेर, 04 सितंबर| पिछले महीने मुंगेर जिले के कई गांवों और मुहल्लों में आई भयंकर बाढ़ के दौरान मुंगेर शहर सहित अन्य जगहों पर जिला प्रशासन के द्वारा बाढ़ राहत शिविर का संचालन किया गया। इन बाढ़ राहत शिविर में शरण लिए जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों से आए छोटे-छोटे बच्चों के सही पोषण और उन्हें कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) मुंगेर के द्वारा विशेष पहल की गयी । इन बच्चों के लिए आईसीडीएस मुंगेर की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) वंदना पांडेय ने दूध और पोषण लड्डू की व्यवस्था करवायी | ताकि बाढ़ आपदा के दौरान बाढ़ राहत शिविर में अपने परिवार के साथ शरण लिए बच्चे कुपोषण के शिकार न हो जाएं । इसके अलावा बाढ़ राहत शिविर में शरण ली हुई लड़कियों और महिलाओं को माहवारी के दौरान होने वाले संक्रमण से बचाने के लिए आईसीडीएस मुंगेर के द्वारा सैनिटरी नैपकिन का भी वितरण किया गया। रक्षाबंधन पर बाढ़ राहत शिविर में भाई- बहनों के बीच 800 से अधिक राखी और पोषण लड्डू का वितरण : आईसीडीएस मुंगेर की डीपीओ वंदना पांडेय ने बताया कि बाढ़ आपदा के दौरान राहत शिविर में शरण लिए लोग त्योहार की खुशियों से महरूम न रह जाएं ,जाए। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने से वंचित न रह जाएं इसलिए आईसीडीएस मुंगेर ने बिना किसी अन्य सहायता से अपने स्तर पर खास प्रयास को करने का निर्णय लिया। इसके तहत जिला के अलग-अलग बाढ़ राहत शिविर में रह रहे लोगों के बीच 800 से अधिक राखी और मिठाई के रूप में पोषण लड्डू का वितरण किया गया। इस कार्य में स्थानीय स्तर पर काम कर रही आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर : - मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें। - विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें। - साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें। - बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें। - अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।