कोरोना वैक्सीन के दो डोज के बीच होते हैं संक्रमित तो तीन महीने बाद ही लें दूसरा डोज - भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने की अपील - कोरोना संक्रमित होने पर खुद ही हो जाएं होम आइसोलेट मुंगेर, 18 अगस्त| कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए कोरोना टीकाकरण को ही अहम माना जा रहा है। अपने देश में अभी तक उपलब्ध सभी वैक्सीन दो डोज में ही उपलब्ध हैं। कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज के बीच एक निश्चित अवधि होती है। इस अवधि के दौरान ऐसा देखा गया है कि वैक्सीन का पहला डोज के बाद भी लोग कोरोना वायरस के संक्रमण की जद में आ गए हैं| हांलाकि उनमें कोरोना संक्रमण के हल्के लक्षण ही मौजूद थे। ऐसे लोगों के मन में यह शंका जरूर होती होगी कि क्या वह निर्धारित समय पर दूसरा डोज ले सकते हैं या उन्हें अभी रुकना होगा। ऐसे ही आशंका का जवाब भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने दिया है। जिसमें दोनों डोजों के बीच में ही संक्रमण होने की स्थिति में तीन महीने के बाद ही वैक्सीन की दूसरा डोज लेने की बात कही गई है। कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज के बीच हो तीन महीने का अंतर : जिला के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण द्वारा की गई अपील के अनुसार ऐसे लोग जो वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद भी कोरोना संक्रमित हो गए। उन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज संक्रमण के तीन महीने के बाद ही लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिन्होंने भी वैक्सीन की पहली खुराक ले ली है, उनमें संक्रमण के हल्के या मध्यम लक्षण होने की ही संभावना होती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि टीकाकरण के कितने दिनों बाद वायरस का जोखिम हुआ। यदि पहली खुराक (कोवैक्सीन या कोविशील्ड) लेने के 1 से 3 सप्ताह के भीतर वायरस का एक्सपोजर होता है, तो वैक्सीन का असर होने की संभावना रहती है और संक्रमण होने की आशंका नहीं होती है। वहीं यदि कोई व्यक्ति अपनी पहली खुराक से 3 सप्ताह के बाद संक्रमित पाया जाता है, तो उनमें कोविड-19 के हल्के लक्षण नजर आने की संभावना होती है। बताया कि एक बार जब कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो जाता है, तो उसका शरीर उसके प्रति एंटीबॉडी बनाना शुरू कर देता है इसलिए, विशेषज्ञ दूसरी खुराक लेने से पहले कोविड-19 से ठीक होने के 3 महीने बाद तक की प्रतीक्षा करने का सुझाव देते हैं। भविष्य में कोरोना के खिलाफ प्रभावी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए दूसरी खुराक लेना अति महत्वपूर्ण है। यह हर किसी (टीका लगा चुके और बिना टीका लगवाये) के लिए बेहद जरूरी है। पूरे परिवार और समाज को सुरक्षित रखने के लिए कोरोना गाइडलाइन का करें पालन : उन्होंने बताया कि जिला में अभी भले ही कोरोना संक्रमण के मामलों में काफी कमी आई है लेकिन अभी भी जिला में कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। अभी भी जिला में कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर के आने की आशंका बनी हुई है| इसलिये जिला के सभी लोग कोरोना गाइड लाइन का पूरी एहतियात के साथ पालन करें। सभी लोग अपने मुंह और नाक को ढंकने के लिए अनिवार्य रूप से मास्क, रुमाल, गमछा, दुपट्टा या साड़ी के पल्लू का भी इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि मुंह और नाक के जरिये कोरोना वायरस का संक्रमण लोगों के शरीर को प्रभावित न कर सके। इसके साथ ही सभी लोग अपने-अपने घर से बाहर निकलने की स्थिति में खासकर बाजार में एक-दूसरे से शारीरिक दूरी के नियम के तहत एक निश्चित दूरी बरतें। इसके अलावा कुछ भी छूने के बाद सभी अपने हाथों कि नियमित साफ-सफाई के लिए साबुन या हैंड सैनिटाइजर का अनिवार्य रूप से पालन करें।
