प्रेस रिलिज। राजद के राज्य परिष्द सदस्य शिशिर कुमार लालू ने कहा मुख्यमंत्री द्वारा तीन नये विश्वविधालय खोलने की घोषणा को बिहार के जनता के ऑखों में धुल झोकने जैसा है।पुरे राज्य के मुंगेर छोड़ कर प्रमंडलीय मुख्यालय में मेडिकल काॅलेज खुल गया लेकिन मुंगेर में मेडिकल काॅलेज खोलने की घोषणा नही होना मुंगेर के साथ सौतेला व्यवहार है ।आज बिहार में ग्यारह विश्वविधालय मौजुद है लेकिन किसी विश्वविधालय में न तो ठीक ढंग से पढ़ाई की व्यवस्था ।आज लगभग पाॅच हजार प्रोफेसर की कमी है वही गैर शिक्षण कार्य के तृतीय वर्ग एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी के भी हजारों पद खाली पड़े है।वही इन्होने कहा की जहाॅ छात्र के भविष्य की चिंता होनी चाहिए समय पर नामाकंन,सत्र संचालन,परिक्षा परिणाम एवं परिक्षा का संचालन पर सरकार को ध्यान देना चाहिए लेकिन सरकार सस्ती लोकप्रियता के लिए नये नये घोषणा कर लोगों भ्रमित कर रही है।आगे कहा की सिर्फ मुंगेर विश्वविधालय लगभग दो सौ पचास शिक्षक का पद खाली है वही हजारों की संख्या में निम्म कर्मचारी का पद खाली है।हैरत की बात है की मुंगेर विश्व विधालय के खुले कई बर्षों के बाद भी आज तक विश्वविधालय के संचालन हेतू इसका न तो जमीन न ही अपना भवन बन सका ।यह सुनकर और हास्यपद लगा की किसी विश्व विधालय का कुलाधिपति महामहीम राजपाल होते है ।मुख्यमंत्री को ये बताना चहिए की आखिर क्या बजह है कि प्रस्तावित विश्वविधालय का कुलाधिपति मुख्यमंत्री होगें लगता है कि विश्वविधालय से माननीय मुख्यमंत्री को आर सी टैक्स वसुली करने की छुट मिल जाएगा।ऐसा लगता है की मुख्यमंत्री महामहीम के अधिकार को कम कर भाजपा पर दबाब बनाना चाहते है।
