भारत में आधुनिक भूगोल का विकास विषय पर हुआ बेविनार भारत में भूगोल की पढ़ाई किस प्रकार स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर से कराई जाए। इसका रूपरेखा तैयार करना था। कमिटी ने इस विषय पर विंदुवार विचार किया और शिक्षकों के लिए 1923 ई. में एक भूगोल प्रशिक्षण केंद्र आरंभ किया, जिसके नेतृत्वकर्ता के रूप में अय्यर की नियुक्ति हुई। यह मद्रास युनिवर्सिटी में भूगोल विषय के लिए एक बहुत बड़ी घटना थी। बेविनार का संचालन पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर डॉ. रास बिहारी प्रसाद सिंह ने किया, उन्होंने कहा कि भूगोल को नई-नई तकनीक से जोड़कर अध्ययन करने की आवश्यकता है, ताकि भूगोल वेत्ताओ से भी इंजीनियरिंग, रिमोट सेटिंग तथा सर्वेक्षण जैसे कार्यों में सहायता लिया जा सके और भूगोल वेत्ताओं को पर्यटन एवं नवनिर्माण में भी कार्य मिल सके। विषय प्रवेश कराते हुए आयोजक शोध संस्थान के शोध निदेशक प्रोफेसर देवेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि ऐसे व्याख्यान मालाओं के व्याख्यानों का प्रत्येक वर्ष पुस्तकाकार प्रकाशन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 150 से अधिक भूगोलवेत्ता संपूर्ण भारत से जुड़े हुए थे। इसमें भारत के पूर्व सर्वेयर जनरल डाॅ. पृथ्वीश नाग, हजारीबाग से डॉ. कमला प्रसाद व डाॅ. सरोज कुमार, राँची से प्रोफेसर राम कुमार तिवारी व डाॅ. अरुण कुमार, जबलपुर से डॉ. लोकेश श्रीवास्तव, गोरखपुर से डॉ. गणेश पाठक, दरभंगा से डॉ. शारदानंद चौधरी व डाॅ. गौरव सिक्का, बी.एच.यू. से डॉ. राणा पी. बी. सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रोफेसर डॉ. एस. सी. राय व प्रोफेसर डॉ. सुभाष आनंद, अलीगढ़ से प्रोफेसर मुनीर व सलेहा जमाल, उत्तराखंड से डॉ. बी. आर. पंत व डॉ. बी. पी. देवली, जयपुर से प्रोफेसर डॉ. एच. एस. शर्मा, रायपुर से प्रोफेसर डॉ. सरला शर्मा, हैदराबाद से प्रोफेसर डॉ. कल्पना मार्कंडेय व डॉ. अली अख्तर, त्रिची से प्रोफेसर डॉ. कुमारस्वामी, शहडोल से प्रोफेसर डॉ. एस. के. दुबे, नेहु (शिलांग) से प्रोफेसर डॉ. देवेन्द्र नायक, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से प्रो. डाॅ. रविन्द्र जी. जयभाए, जम्मू से डाॅ. सरफराज, चंडीगढ़ से प्रोफेसर सूर्य कान्त, जामिया मिलिया इस्लामिया से प्रोफेसर मोहम्मद इश्तियाक, बोधगया से प्रोफेसर डॉ. राणा प्रताप, भागलपुर से भूगोल पी जी विभाग से डाॅ. संजय झा, डॉ. राज राजीव, डाॅ. विभुरंजन के अलावा अन्य जगहों में से डाॅ. मुरारी (सीवान), डॉ. अनिल तिवारी, डॉ. किरण त्रिपाठी, डॉ. सीमा मेहता, डॉ. गोपाल पांडा (भुवनेश्वर), डॉ. के.डी. यादव, मौजूद थे। बेविनार के आयोजक सचिव डॉ. रामेश्वर प्रसाद सिंह थे। धन्यवाद ज्ञापन नागी संस्था के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर डॉ. राणा प्रताप ने किया और तकनीकी सहयोग आशीष कुमार राय ने किया।