*गंगा नदी के प्रतिबंधित बालू से एप्रोच पथ तो धराशाई होगा ही बाढ़-कटाव भी भयावह होगा - केशरी* एसपी सिंगला कम्पनी द्वारा खनन विभाग एवं वन विभाग से घालमेल कर एप्रोच पथ निर्माण के लिए गंगा नदी के दसों हजार ट्रक प्रतिबंधित बालू के उपयोग से एप्रोच पथ तो धराशाई होगा ही बाढ़-कटाव भी भयावह होने वाला है। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने मुंगेर गैंगेटिक डॉल्फिन क्षेत्र में एनजीटी द्वारा गंगा नदी से बालू उत्खनन पर रोक के बावजूद सिंगला कम्पनी द्वारा धड़ल्ले से सफ़ेद बालू उत्खनन कराने पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा। श्री केशरी ने कहा कि जिला खनन पदाधिकारी की संदिग्ध भूमिका सवालों के घेरे में है जिनको एक महीने से इसकी पूरी जानकारी होने के बाद भी कुछ लाख रुपए का अर्थदंड लगाकर उन्होंने आंखों पर पट्टी बांध रखी है तो डीएफओ को पता भी नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुंगेर को गैंगेटिक डॉल्फिन क्षेत्र घोषित कर रखा है। एनसीपी नेता संजय केशरी ने कहा कि सिंगला कम्पनी, खनन विभाग, वन विभाग और एनएचएआई की इस चौकड़ी से राष्ट्रीय परियोजना रेल सह सड़क पुल के एप्रोच पथ को धराशाई होने से बचाने तथा बाढ़-कटाव की भयावहता से करोड़ों के जान-माल की क्षति को रोकने हेतु एनसीपी सड़कों पर उतरने के साथ-साथ जनहित याचिका भी दायर करने जा रही है।
