आयुष्मान भारत योजना: अब 31 मार्च तक जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटर सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क बनेगा लाभुकों का गोल्डन ई. कार्ड आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना मुंगेर कि जिला कार्यक्रम समन्वयक ज्योति कुमारी ने बताया कि पिछले साल चलाये गए आयुष्मान भारत पखवारा के दौरान जिस किसी भी लाभुक ने गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया था और कोरोना काल कि वजह से जो अपना गोल्डन कार्ड प्राप्त नहीं कर पाए थे उन सभी लाभुकों से से अपील है कि जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार वे सभी लोग जहां उन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था वहां के अधिकारी जैसे अस्पताल में आरोग्य मित्र, सीएचसी और पीएचसी के अधिकारी और कॉमन सर्विस सेंटर के कार्यपालक सहायक से सम्पर्क कर अपना गोल्डन ई. कार्ड प्राप्त कर लें। इसके साथ ही जिस परिवार में किसी ब्यक्ति का गोल्डन ई. कार्ड बन चुका है वो लोग अपने परिवार में नए सदस्य जैसे बेटे की शादी के बाद बहू के आने या बच्चे के जन्म के बाद उसका नाम अपने नजदीकी किसी अस्पताल के आरोग्य मित्र से मिलकर अपने सदस्य का नाम गोल्डन ई. कार्ड में जुड़वा लें। उन्होंने बताया कि प्रखंड स्तर पर गोल्डन कार्ड बनाने और वितरण की देखरेख प्रखंड स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक, जीविका के द्वारा जिले के सभी प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक और स्थानीय जनप्रतिनिधि करेंगे। इसके साथ ही जिलाधिकारी मुंगेर के निर्देशानुसार जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को लगातार समीक्षा कर इसकी प्रगति सुनिश्चित करने और सम्बंधित अनुमंडल पदाधिकारी को इसकी प्रॉपर मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है। बताया कि पंचायत स्तर पर लाभुकों को चिह्नित करने के लिए प्रखंड स्तर के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं आशा कार्यकर्ता और जीविका के अधिकारी और कर्मचारी को लाभुकों कि सूची सौंप दी गई है। इस कार्य में आईसीडीएस की आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका से भी लाभुकों को चिह्नित करते हुए गोल्डन कार्ड बनवाने और वितरण करने में सहयोग की अपील की गई है। जिले के सभी सरकारी और दो सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध है इलाज कि सुविधा : जिला कार्यक्रम समन्वयक ज्योति कुमारी ने बताया कि इस योजना के तहत सन 2011 के आर्थिक- सामाजिक जनगणना के अनुसार अनुसूचित जाति- जाति परिवार, किसी परिवार के दिव्यांग सदस्य जिसका देखभाल करने वाला कोई नहीं हो, जिसके घरों कि दीवारें कच्ची हो, जो भूमिहीन परिवार हो या फिर ऐसा परिवार जिसमें कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं हो ऐसे सभी परिवार के लिए प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की इलाज कि सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों और दो सूचीबद्ध निजी अस्पताल में उपलब्ध है। बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल अस्पताल और सदर अस्पताल के साथ ही मुंगेर के लोहा पट्टी स्थित जीवन अवतार हॉस्पिटल में डिलीवरी सर्जरी और कौड़ा मैदान स्थित नवजात शिशु कल्याण केंद्र (सिटी क्लीनिक) में सामान्य सर्जरी कि सुविधा उपलब्ध है।