बिहार की जनता कोरोना से त्रस्त, नीतीश कुमार वर्चुअल रैली करने में मस्त राजद के जिला उपाध्यक्ष सह राज्य परिषद सदस्य प्रो विनय कुमार सुमन ,जिला राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मो साहेब मलिक एवं जिला छात्र राजद के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि मुंगेर सहित पूरा बिहार आज कोरोना महामारी से त्रस्त है और बिहार की डबल इंजन की सरकार के मुखिया नीतीश कुमार एवं सुशील मोदी चैन की सांस लेकर वर्चुअल रैली के माध्यम से चुनाव की तैयारी में लगे हैं ।आज स्थिति यह है कि बिहार के अधिकतर जनता कोरोना वायरस की चपेट में आ गई है ।हर रोज नेता, पदाधिकारी, चिकित्सक सहित आम जनता की मौत कोरोना महामारी से हो रही है। बिहार में जितने भी सरकारी अस्पताल हैं उसे राम भरोसे छोड़ चिकित्सा कर्मचारी संघ अपना जान बचाने के लिए घर का शरण लिए हुए हैं। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक एवं कर्मचारियों की उपस्थिति नगण्य है और राज्य सरकार के मुखिया नीतीश कुमार हर रोज नई-नई घोषणाएं कर बिहार की जनता की आंख में धूल झोंक रहे हैं ।आज मुंगेर की स्थिति यह है कि शहर के अधिकतर मोहल्ला कोरोना की चपेट में है । कोरोना संक्रमण से हो रही मौत से लोग काफी भयभीत हैं ।लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि वह अपने एवं अपने परिवार की सुरक्षा कैसे करें ।सरकारी अस्पताल में सुविधा नदारद है। निजी क्लीनिक बंद है। लगभग 1 सप्ताह से कोरोना की जांच भी नहीं हो रही है। जिला के सारे आला पदाधिकारी स्वयं अपने निवास पर रहकर अपने अधीनस्थ अधिकारी को निर्देश दे रहे हैं ।महीनों से शहर के मोहल्ले में दवा के छिड़काव नहीं हो रहा है । रोजगार छिन जाने के कारण गरीब भूखे मर रहे हैं ,पर सरकार वैसे लोगों को भोजन भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है ।कोरोना मरीजों को सांस की समस्या से निजात पाने के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन भी उपलब्ध नहीं है। लोग बाहर से ऑक्सीजन सिलेंडर लाकर अपनी सुरक्षा कर रहे हैं। चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मचारियों के लिए सुरक्षा कीट की भी व्यवस्था नहीं है। राज्य सरकार कोरोना से मुकाबले के लिए मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों से लेकर जिला कोविड डेडीकेटेड अस्पतालों में 5000 बेड बढ़ाए जाने एवं आरटीपी GN कीट से 24 घंटे के अंदर कोरोना जांच की रिपोर्ट उपलब्ध कराने एवं सभी अस्पतालों में 13000 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने की झूठी अश्वासन बिहार की जनता को दे रही है और जदयू के नेता वर्चुअल रैली के माध्यम से लोगों को कह रही है कि नीतीश कुमार को वोट नहीं वोटरों की परवाह है ।अगर वोटर की प्रवाह नीतीश कुमार को होती तो वह वर्चुअल रैली का आयोजन नहीं कर कोरोना पीड़ितों की सुध लेती ।पर ऐसा नहीं कर बिहार की जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया है ।
