कोरोना महामारी को लेकर लगातार लॉक डाउन की वजह से प्रवासी मजदूरों को नहीं मिल रहा रोजगार संक्रमण के भय से बाहर से आए मजदूरों को काम पर भी लोग रखने को तैयार नहीं है इसके कारण मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है और मजदूर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में काम की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं जब मोबाइल वाणी की संवाददाता धरहरा प्रखंड के बंगलवा पंचायत के सतघरवा गांव पहुंचा तो मजदूरों ने अपना दुख को प्रकट किया मजदूरों ने बताया कि हम सभी मजदूर दैनिक मजदूरी कर ₹300 प्रतिदिन कमाई करते थे और अपना परिवार का भरण पोषण करते थे लेकिन लोग डाउन की वजह से कामकाज ठप हो गया है और आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है उन्होंने बताया कि महीने भर से ऊपर काम की तलाश में सुबह घर से निकलते हैं लेकिन काम नहीं मिल पाता है और पुनः अपने घर लौट आते हैं कुछ लोग बाहर से आए प्रवासी मजदूर से काम नहीं करवाना चाहते हैं उन्होंने बताया कि गरीब मजदूरों को देखने वाला कोई भी नहीं है और सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है बंगलवा पंचायत के सतघरवा गांव निवासी वकील कोड़ा चुन्नू कोड़ा दीपक कोड़ा गोपाल कोड़ा भादू कोड़ा सहित दर्जनों मजदूरों ने अपना दुख को प्रकट करते हुए बताया कि लॉकडाउन के दौरान राशन कार्ड पर चावल एवं गेहूं देने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है ना चावल सही मिल रहा है और ना ही गेहूं वही चावल एवं गेहूं के अलावा अन्य सामग्री खरीदने के लिए उनके पास पैसे नहीं है दुकानदार कोई भी सामग्री उधार नहीं दे रहा है रुपयों के अभाव में परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है उन्होंने सरकार से एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्या को दूर करने के लिए काम दिया जाए ताकि परिवार का जीवन यापन कर सकें