• सर्वव्यापी माहमारी से माहवारी नहीं रूकती • माहवारी ब्रेसलेट होगा माहवारी स्वच्छता का प्रतीक • माहवारी स्वच्छता को पर्दे में रखने के प्रचलन को तोड़ने की जरूरत • बिहार में अभी भी 69% महिलाएं असुरक्षित पैड का कर रही इस्तेमाल पटना- 27 मई-बेटियों, किशोरियों, महिलाओं या फिर सामाजिक और राजनैतिक शब्दों में आधी आबादी की जब भी हम बात करते हैं तो अमूमन हम शसक्तीकरण, विकास, अधिकार, हिंसा जैसे शब्दों पर ज्यादा बल देते हैं। माहवारी स्वच्छता की बात आज भी सामाजिक या पारिवारिक चिंतन का हिस्सा नहीं बन पाया है। विस्तृत रिपोर्ट सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। श्रोताओं 9266673888 पर मिस कॉल कर जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे।