वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के कारण जहां पूरा विश्व परेशान हैं तो वहीं भारत देश भी इससे अछूता नहीं है लाॅकडाउन शुरू होते ही गांव में अचानक सब्जी बेचने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ने लगी है दिन भर में दसियों लोग आवाज लगाते नजर आ रहे हैं शुरु शुरु में तो किसी से टमाटर किसी से भिंडी किसी से खीरा खरीदने लगे हैं अब तो इन्हें वापस लौटाने में भी दुख होता है पर आश्चर्यजनक रूप से रोज कोई न कोई नया चेहरा दिखाई देने लगा है अब सब्जी कितनी और कब तक ली जाए अब इनसे नजरें चुराना भी मुश्किल हो गई है यह परंपरागत सब्जी बेचने वाले लोग नहीं है वह तो स्कूल जाने वाले बच्चे हैं कुछ महीनों पहले किसी के साइकिल ठेला से भागलपुर मुंगेर से आने का सुनकर हैरत होती थी शायद हम सब तंज़ भी करते थे पर अब बस संतोष है कि लोग सकुशल लौट आए चाहे जैसे भी आए इस समय का हालिया यही है कि जिन हाथों में किताब होनी थी वह कमाने की जुगत में है जिन्हें कमाना था वह जान बचाकर आ रहे हैं कोई कुछ भी कहे पर यह केवल सरकारों की विफलता नहीं वरन हमारे पूरे सामाजिक-आर्थिक सिस्टम की नाकामी है विस्तृत जानकारी के लिए 92787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी-बड़ी खबर सुने और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करें यदि आप इस स्मार्टफोन उपयोग करता है तो मोबाइल वाणी ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी-बड़ी खबर को ऐप पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकॉर्ड करें
