उदासीन आश्रम जमालपुर के मंहथ गौतम मुनि की रहस्यमयी आत्महत्या से सनसनी। पुलिस के लिए बनी चुनौती। गंगा रजक की खास रिपोर्ट। मुंगेर/जमालपुर । रेल नगर में उदासीन आश्रम के परिसर में सोमवार रात्रि करीब 50 वर्षीय गौतम मुनि की आत्महत्या से लोग स्तब्ध है और चारों तरफ लॉग डाउन में भी सनसनी फैली हुई है तथा व्हाट्सएप सोशल मीडिया पर यह मामला छाया हुआ है क्योंकि यह आत्महत्या लोगों के जेहन में नहीं उतर रहा है। घटना की खबर मिलते ही थाना पुलिस मंदिर पहुंचे और शव को अपने कब्जा में लेकर मुंगेर पोस्टमार्टम को भेज दिया हैं।अब पुलिस के लिए रहस्यमय आत्महत्या का खुलासा करना चुनौती भरा है। हजारों लोग और हजार तरह की बातें हो रही है, क्योंकि एक वर्ष के अंदर 2 मौत हो चुकी है। इसके पूर्व मंहत भगवती नंदन जी का स्वर्गवास हुए थे। इसका संबंध मुख्यालय बनारस से है एवं इसका शाखा जमालपुर -मुंगेर में है संपत्ति ढेरों है। जमीन के अलावा दुकान मकान इस आश्रम के द्वारा किराए पर लगाया जाता हैं। इसके अलावा सलाना बड़ी दुर्गा की स्थापना की जाती रही है। जिससे चढ़ावा भी आश्रम को आता है। रहस्यमय आत्महत्या से लोग अचंभित तो है ही और कई राजनेताओं ने उच्चस्तरीय जांच की मांग कर दी है। जिससे पुलिस की चुनौती बढ़ गई है। जमालपुर पुलिस अंचल में ऐसे कई आत्महत्या है। जो बाद में हत्या का रूप ले लिया है और कई ऐसे भीआईपी की हत्या है। जिसे पुलिस आज तक नहीं सुलझा पाई है तथा ऐसे कई पुलिस पदाधिकारी की भी हत्या है। जिसे आज तक हत्यारों को सजा नहीं दिला पाई है। इसके पूर्व शहर में गौतम प्याली मुखर्जी दरोगा कुणाल हत्याकांड, बादल दास ठाकुरबाड़ी के महंत नारायणदास हत्याकांड, एसपी हत्या सहित दर्जनों ऐसे हत्याकांड है । जिसमें पुलिस खुद जनता के कठघरे में है। कई जिंदगानी अपराध की दुनिया में सिसक कर रह गई है और रेल नगर ऐसा क्षेत्र है जहां अपराधी अपराध करके चुनाव तक जीत जाते हैं। और सभी गंदी और काली घिनौना करतूत को छुपा लेते हैं और यहां जिले में पदस्थापित पुलिस साक्ष्य का हवाला देकर साक्ष्य नहीं जुटाते हैं और न्यायालय को गुमराह करते हैं। यह स्थिति सिर्फ हत्याओं में नहीं है बल्कि हर क्षेत्र में अपराधीकरण है। पुलिस अंचल में पुलिस ने आर्म्स तस्कर को भी बचाने का कार्य करते हैं और प्रतिबंधित शराब के मामले में किसी से छुपा नहीं है, बल्कि पूरे शहर में संध्या होते ही शराब तस्कर सक्रिय हो जाते हैं और लॉक डाउन में भी मोबाइल शराब के नशे की घंटी घनघनाने लगती है। राज्य के एक वरीय पुलिस पदाधिकारी जमालपुर आए थे । उस दिन भी शराब विक्रेताओं की मोबाइल की घंटी और शराबियों की चोंच में चोंच मिलती रही। अपराध यहां तक समाप्त नहीं हो जाता है । बल्कि नगर परिषद में आज लगातार 25 वर्षों से अपराध का राजनीतिकरण कर दिया है। और आज तक राज्य से लेकर स्थानीय मंत्री तक भ्रष्टाचार दूर नहीं कर पाए हैं। उक्त बातें भ्रष्टाचार से लड़ रहे मर्द नेता इंद्रदेव दास ने कही। यहां तक कि अपराधी का राजनीतिककरण इस कदर हुआ कि राजद से लेकर जदयू तक 25 वर्ष बीत गए और चेंबर ऑफ कॉमर्स ने अपनी आंदोलन में दम तोड़ दिया। लेकिन भ्रष्टाचार सरकार के चौखट पर नागिन की तरह नाच रही है। शहर में अपराध यहां तक समाप्त नहीं होता है। यदि आप थोड़ा सा अपराध प्रवृति का दिमाग रखते हैं तो आप गमछा और लोटा लेकर आइए और करोड़पति बन जाइए ।ऐसे अनेकों उदाहरण रेल नगर में देखने को मिल जाएंगे और यहां पर ट्रस्ट मंदिर मस्जिद सहित अन्य संगठनों की जमीन को बेच देते हैं और अंचल कार्यालय, रजिस्ट्री कार्यालय थाना पुलिस इसे कानून का अमलीजामा पहनाते हैं। ऐसे तमाम लोग माकुल संपत्ति अर्जित कर न्याय को ठेंगा दिखा रहे हैं। और यदि जमीन बिक्री करनी हो तो शहर में एक हजार दलाल तैयार हो जाते हैं। और एक लाख की जमीन 10 लाख में बेचते हैं और तमाम विभाग कानून का पाठ पढ़ाते हैं । ऐसा भी नहीं है कि इस माटी ने ईमानदार लाल को नहीं दिया प्रशिक्षु आईपीएस शिवदीप लांडे जब जमालपुर में कार्यभार संभाला तो अपराधियों की रूह कांपने लगी थी और अपराध कम हो गए थे और स्थानांतरण के बाद लगता है जैसे जिला व शहर में चिराग बुझ गया।
