जिले के विभिन्न कोरनटाइन सेंटरों पर तैनात शिक्षकों को एक ओर सुरक्षा के लिए नं मास्क है न ग्लोव्स है और न ही पी पी ई किट दिया गया है। शिक्षक स्वयं ही अपने स्तर से सुरक्षा के नाकाफी उपाय अपना रहे हैं। एक शिक्षक से बात करने के क्रम में उन्होंने बताया की की आंगनवाड़ी के लोगों को जिस प्रकार कोरोना वारियर्स मानते हुए उन्हें बिमा सुविधा दी जा रही है तो हम शिक्षकों को क्यों नहीं। विस्तार से सुनने के लिए ऑडियो पर क्लीक