कोरोना वायरस महामारी में दैनिक मजदूरों के काम पर लग रहा है ब्रेक मजदूरों के बीच भयावह स्थिति उत्पन्न हो चुकी है दिहाड़ी मजदूर वर्ग के लोग खाने खाने को मोहताज हो गए हैं आर्थिक रूप से वह पूरी तरह टूट चुके हैं नौबत यह है कि अपना गुजर-बसर करने के लिए किसी ना किसी से 1000 2000 कर्ज लेकर हुआ अपना गुजर बसर करने को मजबूर है कुछ दिहाड़ी मजदूर शहर छोड़कर गांव में पलायन कर चुके हैं बताया जाता है कि कभी शहर के चौक चौराहे पर रोजाना सुबह-सुबह मजदूरों की चौकड़ी लगती थी मजदूर काम की तलाश में शहर में आते थे कोई इसमें राजमिस्त्री होता था तो कोई मजदूर इसकी मजदूरी ₹400 से लेकर ₹600 तक होता था इसमें इसका गुजर-बसर चलता रहता था आज कोरोना वायरस के महामारी की वजह से इसके रोजगार रोजी रोटी पर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है अब देखना है कि राज्य सरकार इस दिहाड़ी मजदूर की कितनी मुश्किलें कम कर पाती है। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें।