धरहरा (संवाददाता):प्राणियों के विकास की श्रेणी में मनुष्य सबसे ऊपर है।कोरोना वायरस वर्तमान समय में मनुष्य जाति के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है। इस वायरस से निजात पाने हेतु सरकार ,वैज्ञानिक, चिकित्सक,पुलिस एवं प्रशासन के स्तर पर हर तरह के कार्य किए जा रहे हैं।फिर भी वायरस के फैलाव में थोड़ी बहुत उतार-चढ़ाव के साथ स्थिति भयावह बनी हुई है ।उक्त बाते कोविड-19 जमालपुर के नोडल पदाधिकारी सह संग्रामपुर के थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार ने कही ।नोडल पदाधिकारी ने कहा कि सरकारी स्तर से क्षेत्र को ग्रीन,ऑरेंज एवं रेड जोन में विभक्त कर वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।मुंगेर सहित देश के कई जिला रेड जोन में है। रेड जोन वाले व्यक्ति ग्रीन जोन में आने हेतु काफी प्रयासरत है।वैश्विक परिदृश्य में देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि यह वायरस मनुष्य जाति के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। मनुष्य को अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि जैसा वातावरण हो उसी के अनुसार वह अपने कार्य एवं व्यवहारों में परिवर्तन ला सकें। जैसे गर्मी में छाया, बरसात में छाता, ठंडा में गर्म कपड़ा का उपयोग कर मौसम के साथ अपने आप को अनुकुल करते हैं।उसी प्रकार कोरोना वायरस से उत्पन्न माहौल में मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग , हैंड वॉस एवं सोशल डिस्टेंस की आदत के साथ सरकारी निदेशों का अनुपालन कर रेड जोन से ग्रीन जोन में प्रवेश कर सकते हैं। मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जो जटिल से जटिल परिस्थितियों में भी जीवन शैली में बदलाव की क्षमता रखता है। अतः आप सभी से निवेदन है कि इस बदलते वातावरण में अपने-अपने कार्य एवं व्यवहार में बदलाव लाकर ही इस वायरस से छुटकारा पा सकते हैं। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो हमें भी विश्व के अन्य देशों की तरह अपने को खोने से कोई रोक नहीं सकता।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
