वैश्विक महामारी कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए सरकार द्वारा देश में लॉकडाउन लगाया गया है। इसके बचाव एक मात्र उपाय सोशल डिस्टेंसिंग है। सोशल डिस्टेंस के पालन हेतु प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा सड़कों पर बार-बार गश्ती भी की जाती रही है। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने का भी अभियान चलाया जा रहा है।एक जगह भीड़ इकट्ठा करना प्रतिबंध है। इसके बावजूद प्रखंड मुख्यालय स्थित गैस एजेंसी के दफ्तरों में सरकार की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क मिलने वाले रसोई गैस सिलिंडर के आवेदन फॉर्म भरने के लिए रोजाना सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो रही है। यहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इंडियन गैस ग्रामीण वितरण गैस एजेंसी कार्यालय में फार्म भरने वालों भी भीड़ लगी थी। अब सवाल यह उठता है कि स्थिति यूं ही बनी रही तो कोरोना से जंग कैसे जीती जायेगी। बावजूद लाभुकों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ लेने के लिए भीड़ में खड़ा होकर आवेदन जमा करना पड़ रहा है। लेकिन स्थानीय प्रशासन को इससे कोई वास्ता नहीं है। हालांकि एजेंसी मालिक के द्वारा लापरवाही बरत रहे लोगों का कहना है कि अगर घर में गैस नहीं रहेगा तो खाना क्या चीज से बनेगा। समय रहते लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करेंगे तो कोरोना जैसे महामारी से जंग लड़ना आसान की राह नहीं होगी।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।