कोरोना जैसे अति संक्रामक रोग के प्रकोप के दौरान आम लोगों में भय एवं चिंता का पैदा होना लाजिमी है. लेकिन ऐसे मुश्किल हालातों में लोगों को एकजुट होकर कोरोना के खिलाफ़ मजबूती से लड़ने की भी जरूरत है. देश के कई इलाकों से कोविड-19 से पीड़ित, कोरोना वारियर एवं पुलिस के विरोध करने के कई मामले सामने आए हैं. यहां तक कि जो लोग कोविड-19 से उबर चुके हैं, उन्हें भी इस तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा, कुछ समुदायों और क्षेत्रों को विशुद्ध रूप से सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर फ़ैल रही झूठी रिपोर्टों के आधार पर लेबल किया जा रहा है. इस तरह के पूर्वाग्रहों का मुकाबला करने की आवश्यकता है, जो स्वास्थ्य साक्षरता के साथ सशक्त हो और इस प्रतिकूलता का सामना करने के लिए तैयार भी हो. शायद यह विरोध लोगों में संक्रमण की सही जानकारी नहीं होने एवं असुरक्षा के भाव के कारण देखने को मिल रहे हैं. इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी कर इस संबंध में जरुरी दिशा निर्देश दिया है। विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। संक्रमित के प्रति दुर्भावना नहीं रखें : सभी सावधानियों के बावजूद, यदि कोई कोरोना से संक्रमित होता है, तो यह उनकी गलती नहीं है। संकट की स्थिति में, रोगी और परिवार को सहायता और सहयोग की आवश्यकता होती है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि हालत ठीक है और ज्यादातर लोग इससे उबर जाते हैं. हालांकि कोविड-19 एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो तेजी से फैलती है और हम में से किसी को भी संक्रमित कर सकती है. लेकिन हम सामाजिक दूरी अपनाकर, नियमित रूप से हाथ को धोकर और खांसने और छींकने के के शिष्टाचार का पालन कर खुद को संक्रमण से सुरक्षित रख सकते हैं. ये जरुर करें: • आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले लोगों के प्रयासों की सराहना करें और उनके परिवारों के प्रति सहानभूति रखें • केवल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे अन्य प्रमाणिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी ही कहीं साझा करें • सोशल मीडिया पर किसी भी संदेश को फॉरवर्ड करने से पहले विश्वसनीय स्रोतों से कोविड-19 से संबंधित जानकारी को जरुर क्रॉस चेक करें • कोरोना संक्रमण से उबरने वाले लोगों की सकारात्मक कहानियां साझा करें ये नहीं करें: • सोशल मीडिया पर कोरोना से प्रभावित या क्वारंटाइन में रह रहे या उनके इलाके के लोगों के नाम या पहचान न फैलाएं • कोरोना को लेकर डर और दहशत फैलाने से बचें • हेल्थकेयर और सैनिटरी वर्कर्स या पुलिस को निशाना न बनाएं. वे वहां आपकी मदद करने के लिए हैं • कोविड-19 के प्रसार के लिए किसी समुदाय या क्षेत्र को लेबल न करें • उपचार में रह रहे लोगों को कोविड पीड़ित के रूप में संबोधित करने से बचें. उन्हें कोविड से ठीक होने वाले लोगों के रूप में संबोधित करें • आवश्यक सेवा प्रदाताओं और उनके परिवारों को लक्षित करना कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई को कमजोर करेगा और पूरे देश के लिए गंभीर रूप से हानिकारक साबित हो सकता है