जहाँ 'थाली बजाने' की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर समर्थकों और विरोधियों में सोशल मीडिया पर लाठी-लठौवल जारी है वहीं चारों तरफ़ फैले निराशा के माहौल में उम्मीद की कुछ नई किरणें भी दिख रही हैं.पाकिस्तान से दिल के इलाज के लिए भारत आये और वाघा-अटारी बॉर्डर पर फंसे नन्हें शिराज़ को अमृतसर के रविंदर सिंह रॉबिन ने अपने घर पनाह दी और भारत और पाकिस्तान की हुक़ूमत ने एकजुट होकर उन सबके देश लौटने का इंतज़ाम किया.ये उस समय हुआ जब भारत के कुछ टीवी चैनल 'अब कोरोना की मौत मरेगा पाकिस्तान' जैसा कार्यक्रम चला रहे हैं। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।