धरहरा प्रखंड स्थित माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक तथा शिक्षिकाओं की बारी थी प्रखंड सचिव अमरीश ने भूख हड़ताल में शामिल साथियों के उत्साह को नमन किया साथ ही कहा कि बिहार सरकार के दंग आत्मक नीति का आंदोलन की गति पर कोई प्रभाव पड़ने वाला नहीं है सरकार अपनी नाक बचाने के लिए नियमों की अनदेखी करते हुए गैर कानूनी एवं गैर जिम्मेदार अंदाज में समाज के गरीब मेधावी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए इंटरमीडिएट मैट्रिक मूल्यांकन कार्य कराने पर उतारू हैं सरकार कितने गैर जिम्मेदारी से मूल्यांकन कार्य को अंजाम दे रही है और शिक्षकों को कमतर आंकने हुए दोहे दर्जे का नागरिक मानती है इसका अंदाजा इसी बात से चलता है कि लोगों को समूह में जमा होने या सभी कार्यक्रमों पर प्रतिबंध है या अवकाश है सरकारी कर्मियों को एक-एक दिन का बारी-बारी से अवकाश है जबकि इसके लिए सामाजिक जागरूकता अभियान की आवश्यकता है नियोजित शिक्षकों पुस्तकालय अध्यक्षों को राज्य संघ से सामाजिक जागरूकता का निर्देश दिया गया है क्योंकि शिक्षक समाज के बीच अपनी महती भूमिका सक्रियता से निभाते आए हैं और निभा रहे हैं विद्यालय समेत अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा सदन में शिक्षक हित की बात आते ही विधानमंडल की कार्यवाही को भी कोरोना के नाम पर स्थगित कर दिया गया सरकार की ओर से इसी तरह के भक्त अंधे समाज में आते रहे हैं ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार को समाज के बच्चों को खासकर गरीब बच्चों का भी ख्याल नहीं रख रही है मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वयन भी कागज पर भी होने की संभावना प्रबल है। विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।