गुरु ने मौन तोड़ा दमन नीति का जलाया पुतला। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के निर्देश पर पूरे राज्य में आक्रोशित सैकड़ों शिक्षक व शिक्षिका ने दमन विरोधी दिवस मनाया । शहीद स्मारक के समक्ष दमन नीति का पुतला जलाया और चेतावनी दी अनिश्चितकालीन हड़ताल रहेगा जारी। मौके पर पुतला दहन का नेतृत्व संध के प्रभाकर चंद्र प्रभात, सचिव वकील राम, अध्यक्ष रामकृष्ण कुमार संयुक्त रूप से कर रहे थे। पुतला दहन के साथ ही जिले की राजनीति गरमा गई है और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से हड़ताल के 9 वें दिन शिक्षकों का सब्र टूट गया और वो अब बुधवार को मौन तौड़ा और शहीद स्मारक के समक्ष दमन नीति का पुतला दहन कर दिया। जिससे राजनीति गरमा गई है। हड़ताल के 9 दिन पूरा होने के बाद भी सरकार की ओर से कोई भी वार्ता नहीं हुई है बल्कि सरकार के तमाम प्रतिनिधि भी मौन है। हड़ताली शिक्षकों ने बताया कि पिछले वर्षों के मूल्यांकन का बकाया राशि टाउन उच्च विद्यालय मुंगेर के मूल्यांकन केंद्र से अभी तक परीक्षकों को प्राप्त नहीं हुआ है और उसके मूल्यांकन के निर्देशक लगातार टालमटोल की बात करते रहते हैं। जबकि जिला स्कूल मुंगेर की मूल्यांकन के निदेशक श्रीमती भी 2019 के वार्षिक मूल्यांकन परीक्षाओं का पारिश्रमिक भुगतान नहीं किया है। और सरकारी पदाधिकारियों के दबाव में नियोजित शिक्षकों पर कार्रवाई हो रही है। जो उन्हें हतोत्साहित कर रही है और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी और दमनकारी नीतियों से शिक्षक के आंदोलन को कुचलने की पुरजोर तैयारी मूल्यांकन के सरकारी पदाधिकारी एक साथ मिलकर कर रहे हैं । इधर नियोजित शिक्षक लगातार 10 वर्षों से प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद ना तो इन शिक्षकों को प्रमोशन दिया गया और ना ही प्राचार्य पद का वेतन। उल्टे इनसे विभाग सभी कार्य करवाते रहें हैं। इनकी मांग है समान काम समान वेतन सेवा शर्त लागू करने एवं राज्य सरकार का दर्जा देने से संबंधित। इनके प्रदर्शन से ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार इन शिक्षकों से जानबूझकर बदला ले रही है क्योंकि इसके बाद अनेकों विभाग के कर्मियों को राज्य कर्मी का दर्जा दे दिया गया है। इन शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा नहीं दिया जाने सरकार का शिक्षकों से जाति दुश्मनी दर्शाता है। फिलहाल शिक्षकों का मौन तोड़ना सरकार पर भारी पड़ सकता है क्योंकि गुरुजी जब जब अपना मुंह खोले हैं सत्ता हिली है। यही हाल झारखंड में भी हुआ रघुवर सरकार ने जिस तरह शिक्षकों के आंदोलन को मजाक उड़ाया आज रघुवर सरकार चली गई और सोरेन सरकार आने पर शिक्षकों को मान सम्मान के साथ अन्य सुविधाएं दे रही है। इस अवसर पर रामनरेश पांडे पंकज कुमार, करुण कुमार, प्रभाकर चंद प्रभात, श्यामा कांत मिश्र, राजेश भारती, उमाशंकर सिंह, रजनीश कुमार, वीरेंद्र कुमार, कृष्ण मुरारी आदि मौजूद थे।
