बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि भारत सरकार देश की महिलाओं के लिए बहुत सारी बातें करते हैं लेकिन वास्तविकता काफी दूर है।आधी आबादी यानी हम महिलाएं भी हर चीज में आधा हिस्सा तो नहीं बस इज्जत से जीने की आजादी ही चाहती है।बेहतर और सुरक्षित रोजगार भी चाहती हैं लेकिन क्या वह हम महिलाओं को मिल पाती है।आजादी के दशकों के बाद भी हम महिलाएं अपने ही लोगों से सुरक्षा की मांग करती है हालात यह है कि आज की 11 वीं सदी में भी महिलाओं को इज्जत से जीने का हक मांगना ही पड़ रहा है। 33 फ़ीसदी आरक्षण सिर्फ कागजों पर ही नजर आता है।हकीकत में तो नहीं क्योंकि पंचायत स्तर पर औरतों को मुखिया तो बना दिया जाता है,पर उस पद पर उसकी शक्ति का लाभ पुरुष वर्ग ही उठाते हैं।
