जिला मुंगेर से बिपिन कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि प्रधान मंत्री के 500 और 1000 रुपये के नोट बंदी के फैसले के बाद से ही देश इसमें उलझ गया है।पुरे देश की जनता लाइन पर खड़ी है। शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा,जो पैसे के लिए लाइन में खड़ा नही हुआ हो। वे कहते हैं कि नोट बंदी के घोषणा के बाद से देश में आलम यह है कि संसद के शीतकालीन सत्र में भी आम लोगों की हित में बाते नही की गई और सिर्फ नोट बंदी को लेकर हंगामा ही किये गएँ।