सौंसर,कन्हान व सिल्लेवानी वन परिक्षेत्र में वन्यप्राणी तेंदुए की मूवमेंट से लोग दहशत में है। घटना स्थल पर तेंदुए के अलग-अलग पगमार्क मिलने से यह आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में तीन से चार तेंदुओं की मूवमेंट बनी हुई है। बीते चार दिन से सौंसर नगर के आसपास दो तेंदुए की मूवमेंट व चार शिकार से रात में सड़कें सूनी हो रही हैं। हालात यह है कि किसान व मजदूर खेतों में जाने से घबराने लगे है। लोग तेंदुए को क्षेत्र से बहार करने की मांग करने लगे है। सोमवार की रात्रि में तेंदुए ने सौंसर नगर से लगे ग्राम कुड्डम में किसान मनोज निकोरे के खेत में बैल का शिकार किया है। दो दिन पहले इसी गांव में किसान जानराव धुर्वे के खेत में तेंदुए ने बछडे़ का शिकार किया था। दो दिन पहले नगर में सिविल अस्पताल के पीछे स्थित आवास में तेंदुए ने बकरी का शिकार किया है। पांच दिन पूर्व नगर से लगे ससापोरनी टोले पर तेंदुए ने बैल का शिकार किया था। बीते सप्ताह कन्हान वन परीक्षेत्र के ग्राम ब्राम्हण पिपला ने तेंदुए ने बछड़े का शिकार किया है वहीं तीन सप्ताह पूर्व सिल्लेवानी रेंज के सालीढाना में तेंदुए ने बैल का शिकार है। लोग दहशत में...... तेंदुए की निरंतर मूवमेंट व शिकार करने से लोग बेहद दहशत में है। हालात यह है कपास की चुनाई के लिए मजदूर खेतों में जाने से हाथ खड़े कर रहे हैं। इस कारण किसान परेशान हो रहे है। किसान मोरेश्वर बोरकुटे ने बताया कि अधिक मजदूरी देने का लालच देने पर भी महिलाएं खेतों में कपास चुनाई के लिए नहीं आ रही है। किसान सूरज ढलने से पहले ही खेतों से घर लौट रहे है और पशुओं को भी साथ ला रहे है। कैमरें लगाएं........ तेंदुए की निरंतर मूवमेंट व शिकार के चलते मंगलवार को वन विभाग ने ग्राम कुडडम में शिकार वाले स्थल पर कैमरें लगाएं है। विभाग के अमले का कहना है कि कैमरे लगाने से तेंदुएं की मूवमेंट समझ में आयगी। गौरतलब है कि हर वर्ष अक्टूबर से मार्च माह तक कन्हान व जाम नदी के क्षेत्र में तेंदुए की मूवमेंट बनी रहती है। हम सर्चिंग कर रहे है.... सौंसर वन परिक्षेत्र अधिकारी शिवशंकर चतुर्वेदी एवं सिल्लवानी रेज अधिकारी आरके श्रीवास का कहना है कि तेंदुए की मूवमेंट पर नजर रखने वन विभाग का अमला निरंतर सर्चिंग कर रहा है। शिकार होने पर संबंधित को क्षतिपूर्ति देने प्रकरण बनाए जा रहे है।