5 दिन के इस विशेष सत्र में ऐसा बहुत कुछ हुआ जो संसदीय परंपरा और लोकतंत्र के हिसाब से बिल्कुल भी नहीं है और आभास होता है कि देश सरकारी एकाधिकार की तरफ बढ़ रहा है ऐसा मानने के वाजिब कारण भी है कारण यहां की अगस्त महीने की आखिर तारीख को जब घोषणा की गई की सरकार 5 दोनों का विशेष सत्र आयोजित करेगी तब इसका उद्देश्य नहीं बताया गया विपक्ष के अधिक शोर करने के बाद और समय के बाद कुछ आवश्यक काम को बात कर डाल दिया गया।आज हमारे साथ लखनऊ हाईकोर्ट परामर्श केन्द्र के माध्यथ एवं उत्तरप्रदेश कांग्रेस पार्टी के विधिविभाग के कोर कमेटी के सदस्य एडॅ. इद्रप्रताप सिंह सर के साथ मोबाइलवाणी पर विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।