गठबंधन व्दारा बैन किये जाने के बाद के सबसे पहला विरोध इन एंकरों की तरफ से आया 'जिन्होंने नाखून कटाकर शहीद होने की घोषणा कर दी', खुद पर लगाए बैन को आपातकाल घोषित कर पत्रकारिता पर हमला तक करार दे दिया। जिन 14 एंकरों पर बैन लगा उस मे से ज्यादातर ने बैन वाले दिन भी अपने प्रोग्राम में विपक्ष व्दारा लगाए गए बैन को गलत बताया लेकिन उनमें से किसी एक ने भी यह बताने की हिम्मत नहीं कि बैन लगाए जाने के पीछे का कारण क्या है? आज हमारे साथ विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के महासचिव नरेश निमजे सर के साथ मोबाइलवाणी पर विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।