मजदूर संघ मित्र मंडली एवं गुरैया ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा । जिसमें कहा गया है कि व्यापारी संघ की मनमर्जी से मंडी का संचालन हो रहा है और कुसमैली मंडी को मनमर्जी से कभी भी बंद किया जाता है। यह आरोप लगाते हुए इसके पूर्व भी 31 अगस्त से 3 सितंबर तक मंडी बंद रखी गई थी। इसके बाद भी 9 सितंबर और बाद में 26 सितंबर को मंडी बंद रखी गई। सवाल उठता है कि शासन के द्वारा कोई भी बंद का आह्वान नहीं किया गया था। इस बीच में बंद से शासन को राजस्व का नुकसान और मजदूरों को भी मजदूरी से नुकसान हो रहा है ।
