मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से धनश्री बेलखडे से बातचीत किया। बातचीत में उन्होंने बताया कि पानी में लोह तत्व ,ऑर्गेनक और न जाने ऐसे कई अपशिष्ट पदार्थ आ जाते हैं, और इसी को ध्यान में रखते हुए गर्भवती महिला हो या फिर छोटे बच्चे हो यह कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिला जो भी खाती है पीती है उसका सीधा असर उनके बच्चे पर पड़ता है, इसलिए जरूरी है की गर्भवती महिला को स्वच्छ पानी मिले। साथ ही वे बताती है कि वे गर्भवती महिलाओं को पानी उबाल कर देती हैं। पानी को शुद्ध करने के लिए चार तरीके अपनाये जा सकते है। पहला है फिटकिरी का इस्तेमाल कर के, दूसरा है पानी में क्लोरीन डाल कर। तीसरा है पानी को साफ़ कपड़े से छान कर और चौथा है पानी को उबाल कर। विस्तारपूर्वक खबर सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर
