मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बिना पानी के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। निरंतर भूगर्भीय जलस्तर में कमी आने के कारण हर आम इंसान को अपने रोजमर्रा की जिंदगी में पानी का बहुत अति आवश्यक एक आम इंसान उसने जिंदगी में पानी की पर्याप्त मात्रा होगी तब भी वह दो वक्त की रोटी खा पाएगा। जिस तरीके से धरती के वातावरण में परिवर्तन हो रहे हैं जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ मौसम में बारिश से में भी परिवर्तन लेकर जा रहे हैं। जिसके चलते बारिश के पानी पर कई क्षेत्र ने पर और इसके कारण भूगर्भ जल स्तर में भी प्रभाव पड़ रहा भूगर्भ जल स्तर निरंतर नीचे जाना है। देश के कई क्षेत्रों में पानी की समस्या अभी वर्तमान में और भी अधिक घर आती जा रही आम इंसान को जीने के लिए जो पानी चाहिए वह भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके लिए न केवल आम इंसान बल्कि कई प्रकार से प्रयास किए जाने चाहिए। ताकि हमारे जीवन में जल का महत्व कितना है, समझने की आवश्यकता है? एक इंसान को दो वक्त की रोटी के लिए पानी की कितनी उपयोगिता है यह भी समझ लिया अन्न का एक-एक दाने के उत्पादन के लिए पानी की आवश्यकता होगी। यहीं से अंदाजा लगाया जा सकता है कि "जल है, तो जीवन है" यहां पर ध्यान केंद्रित किया जाए तभी हम सफल होगा।
