मध्यप्रदेश राज्य के जिला छिंदवाड़ा से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जिले में पेयजल संकट से निपटने के लिए पीएचई विभाग अब तक कार्य योजना नहीं बना पाए हैं। गिरते भूजल स्तर और परिवहन के हालातों को देखते हुए पीएचई विभाग ने ब्लॉक लेवल पर जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। ऐसे में पीएचई विभाग संकट से निपटने के लिए साल भर ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है। वहीं भूजल स्तर में निरंतर कमी आ रही है। दिसंबर माह से ही गिरते भूजल स्तर गिरता ही जा रहा। हर साल मार्च के बाद जिले में प्रभावित हिस्सों में पेयजल परिवहन के हालात निरंतर बिगड़ते जा रहे हैं। पेयजल संकट से निपटने के लिए पीएचई विभाग ने समय से पूर्व हुए कार्य योजना नहीं बनाई हैं जिस कारण तामिया,हर्रई,अमरवाड़ा, चौरे समेत अन्य ब्लॉकों में भी जल का संकट निर्मित हो गया है। पेयजल संकट को देखते हुए पीएचई विभाग के अधिकारियों ने जिले में गहराते जल संकट और आने वाले दिनों में प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की जानकारी जुटाना शुरू किया है। इसके साथ ही जल स्त्रोतों को जायजा लेकर भी दिशा निर्देश दिए गए हैं। वही अधिकारियों का कहना है कि जानकारी जुटाने के बाद कार्ययोजना बनाई जाएगी। वहीं वर्तमान में स्थिति और भी गहरा गई है। जहां पीएचई विभाग, जानकारी जुटाने और योजना बनाने की तैयारी कर रहा है वहीं लोगों को अभी पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।