मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि ,जिले में मार्च माह से भू- जल स्तर 45 मीटर तक नीचे जा पहुंचा है। जिले के 3 ब्लॉकों में जल स्तर 38 से 45 मीटर तक नीचे जा पहुंचे ह। जिले में सुखे से जल स्त्रोतों के कारण ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। चौरई, अमरवाड़ा और हर्रई में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। जिले में करीब 30 पेयजल सप्लाई की योजनाएं जल स्रोतों के सूखने के कारण बंद हो गई है। वहीं जिले में साल 2021 में बारिश औसत के करीब बारिश हुई है। हर साल गर्मी की शुरुआत के पहले ही दम तोड़ रहे हैं। वही पीएचई विभाग के अफसरों की निष्क्रियता के चलते ना तो अब तक इन स्रोतों के रिचार्ज पर काम हुआ है, ना ही समय पर ग्रामीणों के लिए कोई स्त्रोत की वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है। वहीं 22 गांव तो ऐसे हैं जहां ग्रामीण लंबे समय से वैकल्पिक व्यवस्थाओं के भरोसे दिन काट रहे हैं ।