मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं, कि छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय बने हुए 2 साल बीत चुके हैं। लेकिन अब तक पीएचडी के लिए जिन्हें के युवाओं को दूसरे शहरों की दौड़ लगाने पड़ रहे हैं। हाल ही में जिन्हें के दर्जनों युवाओं ने पेज जी के लिए सब्जेक्ट अलॉट हुए हैं। लेकिन रिसर्च के लिए उन्हें शहर में न तो गाइड की सुविधा मिल पा रही है, और ना ही गाइडेंस मिल पा रहा है। छिंदवाड़ा समेत आसपास के 4 जिलों में पीएचडी के लिए रिसर्च के लिए विद्यार्थियों को सागर ,जबलपुर, भोपाल, इंदौर व उज्जैन की दौड़ लगानी पड़ रही है। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।