पेंच नदी की रैलिग नपाई कर भूल गए एनएच के अधिकारी...लगभग सात दिन बाद भी रैलिंग नहीं लगा पाया विभाग...सिंगोडी पेंच नदी की रैलिंग का मामला सिंगोडी:-विगत दिनों ग्राम सिंगोड़ी की पेंच नदी के पुल के आजू बाजू लोहे की रैलिंग की जगह लकड़ी के बांस को लगा दिया गया था।जिसके बाद विभिन्न समाचार पत्रों और सोसल मीडिया में खबर का प्रकाशन किया गया था।जिसके बाद एनएच के आला अधिकारियों के द्वारा पेंच नदी पुल पर पहुंचकर पुल के दोनो तरफ लगने वाली लोहे की रैलिंग की नपाई की गई थी लेकिन अभी तक कुछ दिन बीत जाने के बाद भी लोहे की रैलिंग को नहीं लगाया गया और स्तिथि जस की तस बनी हुई है।ग्राम की इस पेंच नदी से नेशनल हाईवे नरसिंहपुर से छिंदवाड़ा के मुख्य मार्ग का जुड़ाव है जहां चौबीसो घंटो छोटे बड़े वाहनों का आवागमन रहता है। कई बार छोटे बड़े हादसे इस पुल पर हो चुके है और कई परिवार के लोगो की जिंदगी समाप्त हो चुकी है लोगो ने अपनो को खो दिया है किंतु उसके बाद भी विभाग के द्वारा कोई ध्यान नही दिया जा रहा है ध्यान रहे कि अब बारिश प्रारंभ हो चुकी है और पुल पर जो लकड़ी के बांस लगे हुए है वह भी निकल चुके है खतरा बहुत बड़ा है जो कभी भी हो सकता है किंतु क्या मालूम सभी प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी अपनी आंख मूंदे कुछ नही देख पा रहे है और सबकी सब हाथ पर हाथ धरे तमाशबीन बने हुए है इनको लोगो की जिंदगी से कोई मतलब नही तभी तो एक वर्ष से भी अधिक हो गया सिंगोड़ी पेंच नदी की दुर्दशा अपने आप खुद बया करता है जिसे बताने की जरूरत नही निकलने वाले राहगीर हर समय विभाग को दुहाई देकर निकलता है कि क्या यहां की दशा कभी सुधर पाएगी कि नही क्या इसी प्रकार पुल पर लापरवाही देखने को मिलती रहेगी आखिर कब तक आम लोगो की जिंदगियो से खिलवाड होता रहेगा और सब मौन रहकर एन एच विभाग की लापरवाही को देखते रहेंगे सवाल यह उठता है कि पेंच नदी की रैलिंग की नपाई तो अधिकारी ने कर ली किंतु लगेगी कब यह किसी को नही मालूम या फिर नपाई के नाम पर खानापूर्ति करके चले गए या फिर रैलिंग की नपाई सिर्फ दिखावा है यह तो समझ से परे है जो समझ नही आता लेकिन इस और अधिकारियों क्यों ध्यान नही दे रहे है क्या विभाग किसी दिन कोई बहुत बड़े हादसे होने का इंतजार कर रहा है तब यहां की लोहे की रैलिंग लगेगी नही तो इसी प्रकार नपाई होती रहेगी और कुछ नही होगा।