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झारखंड राज्य के धनबाद जिला के गोमो,हरिहरपुर के संथालडीह से खीरु महतो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि संथालडीह में अब तक सड़क का निर्माण नहीं किया है। जिस कारण लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई जगहों पर सड़क उबड़-खाबड़ होने के कारण बारिश का पानी गड्डे में भर जाता है। जिससे राहगीरों को परेशानी होती है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार विधायक श्री महतो को सूचित किया लेकिन अबतक उनके द्वारा सड़क निर्माण कार्य के लिए कोई भी पहल नहीं की गई। सड़क की स्थिति जर्जर होने से लोगों को आवागमन करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
झारखण्ड राज्य के गोमो प्रखंड के हरिहरपुर पंचायत जिला धनबाद से खीरु महतो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सरकार द्वारा चलाई गई योजना उज्वला योजना के तहत गांव-गांव में जा कर लगे पोलो में सोलर लाइट लगाया गया है। लेकिन हरिहरपुर पंचायत में लगे जितने भी पोल है उनमे से किसी में भी सोलर लाइट नहीं लगाया गया है। जिस कारण गांव के निवासियों को रात में आवगमन करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
झारखंड राज्य के जिला धनबाद ,प्रखंड तोपचांची, पंचायत चैता से फर्केश्वर महतो ने मोबाइल वाणी को बताया कि धनबाद जिला के तोपचाँची प्रखंड के साथ-साथ पुरे झारखंड प्रदेश में मनरेगा मजदूरी मद में शून्य बैलेंस हो गया है। वहीँ जनशक्ति अभियान के तहत बड़े पैमान पर मनरेगा योजना के तहत डोभा निर्माण और वृक्षा रोपण का कार्य किया गया। परन्तु एक माह बीत जाने के बाद भी मनरेगा मजदूरों को भुगतान नहीं किया गया। वहीँ एक तरफ बीसीसीएल कर्मियों को बोनस के रूप में सरकार द्वारा चौसठ हजार रूपए देने की घोषणा की गई है लेकिन यह भी कागजों तक ही सिमटकर रह गया है। साथ ही पुरे भारत देश में नया कानून महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना पुरे तरह से विफल साबित होता जा रहा है। एक बातचीत के दौरान मजदुर भाई ने बताया कि वे पुरे तीस दिन तक कार्य करते हैं,लेकिन अंतिम समय में किसी कारण वश दस से पंद्रह दिनों का वेतन रोक लिया जाता है। अतः ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा से यह कहना चाहते हैं कि मनरेगा मजदूरों को यथा शीघ्र क्षति पूर्ति सहित भुगतान किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो आने वाले समय में मनरेगा में कार्य करने के लिए मजदुर नहीं मिल पाएंगे।
झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के तोपचाँची प्रखंड से रविंद्र महतों ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि तोपचाँची प्रखंड के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर कुआँ के पानी में कीड़े पनप रहे हैं।कीड़े लगे पानी को पिने के कारण कई लोग बीमार भी हो रहे हैं।लोगों से पूछे जानें पर बताया कि पहले सरकारी स्वास्थ विभाग के द्वारा सहिया साथी की मदद से गाँव-गाँव में जा कर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाता था। परन्तु इस वर्ष बारिश का मौसम समाप्त होने को है इसके बावजूद भी स्वास्थ विभाग के द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।साथ ही ग्राम स्वक्षता समिति की ओर से भी कोई पहल नहीं किया जा रहा है
झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के महुदा से सुनील सोरेन, मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि झारखण्ड सरकार के आदेश के अलोक में भारतीय संविधान में अंकित संथाली भाषा ओल चिकि लिपि की शिक्षकों की बहाली सिर्फ संथाल परगना क्षेत्र में ही की गई है।जबकि झारखण्ड के बाकि क्षेत्रों में भी ओल चिकि लिपि की शिक्षकों की बहाली की जानी चाहिए लेकिन नहीं गई है।बहाली नहीं होने कारण शिक्षित युवा बेरोजगार होकर इधर से उधर भटकने को बेबस हैं। सरकार के इस रवैये के कारण संथाली भाषा के शिक्षकों में भारी आक्रोश है।
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झारखंड राज्य के धनबाद जिला के बाघमारा प्रखंड से बीरबल महतो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बाघमारा प्रखंड अंतर्गत छतरूटांड़ पंचायत में स्थित एक मात्र तालाब काफी दिनों से गन्दगी के दलदल में दबा हुआ है। लेकिन अबतक इसकी सफाई करवाने हेतु प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। छतरूटांड़ बस्ती में एक मात्र तालाब होने के कारण लोगों को मजबूरन गंदे पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इस बस्ती में हजारों की तादात में लोग रहते हैं। लोग तालाब के गंदे पानी में स्नान करते हैं जिससे कई तरह की बिमारियों के शिकार हो रहे हैं। अतः प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द इस तालाब को साफ़ किया जाए ताकि लोगों को स्वच्छ पानी मिल सके और यहाँ के लोग स्वस्थ्य जीवन जी सकें।
झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के तोपचांची प्रखंड से फर्केश्वर महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि देश में कई क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ के लोग आज भी बिजली की सुविधा से महरूम है और ढिबरी युग में जीने को बेबस हैं। लेकिन वही दूसरी ओर जहाँ पर बिजली की सुविधा दी गई है वहां पर बेवजह बिजली की बर्बादी देखने को मिल रहा है।यह स्थिति है तोपचांची प्रखंड के खेराबेड़ा उत्क्रमित मध्य विद्यालय की। इस विद्यालय में वर्षों से बिजली की व्यवस्था नहीं थी जिससे बच्चों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन जब से इस विद्यालय में विद्युतीकरण की गई है, तब से यहां पर बिजली की बर्बादी देखने को मिल रहा है। दरअसल इस विद्यालय की स्थिति यह है कि यहां पर छुट्टी के दिनों में भी सभी कमरे में लाइट एवं पंखे चलते रहता है। और गौर करने वाली बात तो यह है कि इस ओर स्कूल प्रशासन का कोई ध्यान भी नहीं रहता है। अत : विद्युत् विभाग से यह अपील है कि इस ओर ध्यान दिया जाये और इस पर अंकुश लगाया जाये।
झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के महुदा से राधू राय, मोबाइल वाणी के माध्यम से देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर कहते हैं कि दिनों-दिनों शिक्षा का स्तर गिरते जा रहा है जो एक बड़ी चिंता का विषय बनते जा रहा है। इसके पीछे की मुख्य वजह शिक्षा का निजीकरण है ।वर्तमान में सरकारी शिक्षा और निजी शिक्षा में काफी अंतर है। चूँकि आज शिक्षा इतनी महँगी हो गई है कि गरीब के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जा रहे हैं। साथ ही वे कहते हैं कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है साथ ही साथ शिक्षकों की उपस्थिति भी काफी कम रहती है ,जो वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को लचर बनाता है।
