झारखंड राज्य के जिला धनबाद ,प्रखंड तोपचांची, पंचायत चैता से फर्केश्वर महतो ने मोबाइल वाणी को बताया कि धनबाद जिला के तोपचाँची प्रखंड के साथ-साथ पुरे झारखंड प्रदेश में मनरेगा मजदूरी मद में शून्य बैलेंस हो गया है। वहीँ जनशक्ति अभियान के तहत बड़े पैमान पर मनरेगा योजना के तहत डोभा निर्माण और वृक्षा रोपण का कार्य किया गया। परन्तु एक माह बीत जाने के बाद भी मनरेगा मजदूरों को भुगतान नहीं किया गया। वहीँ एक तरफ बीसीसीएल कर्मियों को बोनस के रूप में सरकार द्वारा चौसठ हजार रूपए देने की घोषणा की गई है लेकिन यह भी कागजों तक ही सिमटकर रह गया है। साथ ही पुरे भारत देश में नया कानून महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना पुरे तरह से विफल साबित होता जा रहा है। एक बातचीत के दौरान मजदुर भाई ने बताया कि वे पुरे तीस दिन तक कार्य करते हैं,लेकिन अंतिम समय में किसी कारण वश दस से पंद्रह दिनों का वेतन रोक लिया जाता है। अतः ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा से यह कहना चाहते हैं कि मनरेगा मजदूरों को यथा शीघ्र क्षति पूर्ति सहित भुगतान किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो आने वाले समय में मनरेगा में कार्य करने के लिए मजदुर नहीं मिल पाएंगे।
