जिला बोकारो,प्रखंड चंदरपुरा से नरेश महतो जी कहते है कि पंचायती राज्य अधिनियम के तहत प्रत्येक गांव में हर महीने ग्राम सभा का आयोजन करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन यहाँ पर पंचायती राज्य व्यवस्था का पूरी तरह से उलंघन हो रहा है। वे कहते हैं कि चंद्रपुरा प्रखंड में ग्राम सभा का आयोजन तो होता है, लेकिन मनमानी ढंग से । ग्रामसभा के आयोजन से जुड़ी कोई भी जानकारी आम जनता को नही होती है आम लोगों को तो यह भी पता नही होती की ग्रामसभा का आयोजन कब हुई।उन्होंने बताया कि ग्राम सभा में ऐसी कोई व्यवस्था नही होती हैं कि कौन सी योजना का लाभ किसे मिलनी चाहिए। प्रखंड मुख्यालय से लेकर पंचायत प्रतिनिधियों तक का यही सोच होता है कि सरकार की तरफ से जो योजनाएं आम जनता के हित के लिए होती है उसे न देकर संपन्न व्यक्तियों को दे दिया जाता जाये । नरेश महतो जी ने एक ग्रामीण भीखण महतो जी के बारे में बताते हैं जिनके परिवार में आठ सदस्य हैं,जिसमे दो बच्ची विकलांग है जिनकी उम्र 14,15 वर्ष के आस पास है,वह किसी तरह मजदूरी करके जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन विडम्बना यह हैं कि पंचायती राज्य व्यवस्था के आभाव में उन्हें न तो विकलांग होने का लाभ मिल रहा है और न ही अन्य सुविधाएँ। यह बात सिर्फ इन पर लागू नहीं होती बल्कि इस तरह से सैकड़ो परिवार हैं जो पचायती राज्य व्यवस्था के तहत मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रह रहे हैं।