झारखंड राज्य के बोकारो जिला के पेटरवार प्रखंड से सुषमा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती हैं, कि राज्य में मानव तस्करी ग्रामीण क्षेत्रों में काफी मात्रा में की जाती है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के लोग काफी सीधे होते हैं और बेरोजगार होने के कारण किसी भी झांसे में आ जाते हैं। भुखमरी,बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण राज्य में मानव तस्करी की घटना घट रही है। सरकार की ओर से मानव तस्करी को रोकने के लिए कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है।यह देखा जाता है, कि समाज में पुलिस तस्कर लोग के मिलीभगत से इसे बढ़ावा देते हैं। अतः मानव तस्करी को रोकने के लिए सरकार को कोई कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है तथा शक्ति से पालन करने की जरुरत है। साथ ही बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करवाने की आवश्यकता है।

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झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला के इचाक प्रखंड से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं, कि झारखंड राज्य में मानव तस्करी धड़ल्ले से किया जा रहा है। लोग अधिक पैसे कमाने के लालच में मानव तस्करी करने के आदि हो जाते हैं। मानव तस्करी इस मानव समाज में बहुत बड़े अपमान जनक व्यापार बनता जा रहा है। और इस व्यापार से जल्द ही लोग अमीर बनने का ख़्वाब भी देखते हैं। लोगों को रोजी,रोटी ,व्यापार और अधिक पैसे कमाने तथा नए जगह पर ले जाने की बात कहकर मानव तस्करी करते हैं। अतः समाज और सरकार को यह सन्देश देते हैं कि मजदूरी के नाम पर जो लोग मानव तस्करी करते हैं, वैसे लोगों पर कड़ी निगरानी रखने की जरुरत है।

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राज्य में वर्तमान समय में मानव तस्करी एक गंभीर समस्या बन गई है।राज्य से हो रही मानव तस्करी को रोकने की दिशा में विभिन गैर-सरकारी संगठनों एवं सरकार के द्वारा कई प्रयास करने के बावजूद यह समस्या अब भी बरकरार है। मानव तस्कर झारखंड की भोली-भाली आदिवासी लड़कियों को ही ज्यादा निशाना बनाते हैं। उन्हें अच्छे भविष्य का झांसा देकर महानगर ले जाते हैं और रोजगार के नाम पर इनका शोषण किया जाता है। हम आपसे जानना चाहते हैं कि आखिर क्या कारण है कि राज्य में इतनी बड़ी संख्या में मानव तस्करी की घटनाएं घटित हो रही है और वो भी ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में ?राज्य से मानव तस्करी रोकने के लिए सरकार वर्तमान में क्या कर रही है और आगे भी सरकार को लिए किस तरह की कठोर कदम उठाने चाहिए? क्या पुलिस प्रशासन इस तरह के मामलों को पूरी गंभीरता से लेती है ?आप हमे यह भी बताएं कि आप या आपके घर-परिवार में किसी के साथ या फिर आपके किस जानने वाले के साथ ऐसी घटना घटी है ?अगर है तो उस दौरान किस दौर से गुजरना पड़ा और कैसा रहा आपका अनुभव ? इस आपराधिक घटनाओं से निबटने के लिए प्रशासन के आलावा आमलोगो को किस तरह से जागरूक या सतर्क रहने की जरुरत है।