झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने कहा कि झारखंड में राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान का क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र खुलेगा।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

स्वदेशी मेला केवल एक मेला नहीं है, बल्कि एक आंदोलन है। यह राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने का एक शक्तिशाली तरीका है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

कृषि विज्ञान केंद्र पेटरवार के प्रांगण में अपने एएकेएम (आजीविका कृषि मित्र) और ग्रामीणों के साथ एपीसी (कृषि उत्पादन क्लस्टर) विधि से खेती बारी का एक प्रशिक्षण सत्र शुक्रवार को आयोजित किया गया. इसमें समय, फसल चयन, बाजार की जानकारी और पहुंच, तकनीकी विवरण, उत्पाद संग्रहण और मूल्य नियंत्रण आदि के महत्व पर चर्चा की गई. तरबूज के उत्पादन के तरीके (पिओपी) पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें फसल से प्राप्त आय, बाजार में इसके आगमन का समय, कीट नियंत्रण उपाय आदि पर प्रकाश डाला गया. सत्र का समापन 10 गांवों में एपीसी मोड में तरबूज की फसल की योजना बनाने के साथ हुआ. इसके साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र की मदद से 50 पैकेट तरबूज बीज़ का वितरण किया गया. उक्त प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ अनिल कुमार तथा प्रदान संस्था से नंदलाल, राजू, सुदेश और चंद्रभूषण आदि ने कार्यक्रम सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया.

विकास में प्रभावशाली की महता अनेक केंद्र बिंदुओं में मुख्य है।

पेटरवार प्रखंड अंतर्गत चरगी पंचायत के चरगी घाटी वाच टावर में शुक्रवार को वन सुरक्षा एवं पर्यावरण जागरूकता का भव्य मेला आयोजित किया गया. मुख्य अतिथि राज्य के पेयजल व स्वच्छता एवं उत्पाद व मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वन सुरक्षा व पर्यावरण का जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है. वन के पेड़ पौधे शुद्ध ऑक्सीजन देते हैं और कार्बन डाई ओक्साइड को शोषित कर पर्यावरण में संतुलन बनाते हैं. वन को ले कर सरकार गंभीर है. विशिष्ठ अतिथि पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो ने नव वर्ष की शुभकामनायें देते हुए इस मेला के फाउंडर पदाधिकारी दिवंगत महेश महतो को श्रद्धांजलि दी. कहा सभी लोगों को पर्यावरण को सुरक्षित करना जरूरी है. पेड़ -पौधों से पर्यावरण सुरक्षित रहता है. लोक कलाकारों को बधाई देते हुए आगे बढ़ने के लिए उतप्रेरित किया. वन पर्यावरण की सुरक्षा बहुत जरूरी है. इसके पूर्व मुख्य अतिथि एवं विशिष्ठ अतिथियों ने सखुआ के पेड़ पर पूजा अर्चना एवं सूत्र बांध कर वन पर्यावरण की सुरक्षा का संकल्प लिए. लोक कला कार रेबती महतो ने कहा कि लोक कला कारों को बंगाल में पेंशन दिया जाता है अत: झारखंड सरकार से लोक कला कारों को पेंशन दिलवाया जाय. क्षेत्र के विख्यात जादूगर यमुना प्रसाद जायसवाल ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ठ अतिथियों का स्वागत जादू का चमत्कार दिखाते हुए शॉल ओढ़ा कर किया. दुकानें सजी -- चाट चौमिन, मिठाई, खेल तमाशा, खिलौना आदि की दुकाने लगायी गयी थी. इनका रहा योगदान :-कार्यक्रम की सफलता में मेला समिति के धनुलाल महतो, मनोहर मुर्मू, पंचानन महतो,अजीत कुमार महतो, उदय बेदिया, राजेश प्रसाद महतो, शक्तिधर महतो, रानी कुमारी मुर्मू, मंजू देवी, अखिलेश्वर महतो, बिनोद कुमार महतो धर्म नाथ महतो सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. मौके पर विशिष्ठ अतिथि पूर्व विधायक बबीता देवी, जिला भू -अर्जन पदाधिकारी द्वारिका बैठा, कृष्णा महतो, राकेश सेठी, गंगाधर महतो, कालीचरण महतो, प्रकाश महतो, पंकज कुमार सिन्हा, भदरू महतो, कुमार अनुज, संतोष महतो, चंदन सिन्हा, राधेश्याम राम, सुरक्षा बल, वन विभाग के प्रतिनिधि सहित हजारों दर्शक उपस्थित थे.

किसी भी अर्थव्यवस्था के सफल होने के पीछे सहयोगिता ही प्रमुख कारण होता है।

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कम संसाधनों में उन्नति का मार्ग काफी सरल होता हैं, चुकी प्रबंधन करना कभी सरल है। कम लगत, न्यूनतम मानव बल तथा उच्चतम मुनाफे का अंदेशा, कार्यप्रणाली के मनोबल को उच्चतम स्तर पर ले जाता है। जो खोज तरफ़ ले जाये वही विस्तारीकरण उचित है।