जिला बोकारो,प्रखंड चन्द्रपुरा से नरेश महतो जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे है की झारखण्ड राज्य एक ऐसा राज्य है जहाँ शिक्षक नियुक्ति पंचवर्षीय योजना बन कर रह गयी है। झारखण्ड राज्य के नव उत्क्रमित विद्यालयों में शिक्षको की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ हुए पांच वर्ष से अधिक हो गया है लेकिन अभी तक मामला अधर में लटका हुआ है । चंद्रपुरा स्थित कर्मा टाँड़ पंचायत के मुरली महतो बताते है की उनके उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मात्र तीन,चार बच्चे ही पहुंचते है रशोईया खाना बनाती है खाना घर लेकर चली जाती है । इस स्कूल के पूर्व अध्यक्ष चिरंजीवी महतो ने कहा की तीन,चार महीनों से इस स्कूल में मात्र तीन,चार बच्चे ही पहुंचते है शिक्षक के अभाव में पढ़ाई नहीं होती है । शिक्षको की नियुक्ति नहीं हो सकी है जिसके चलते विद्यालयों को शिक्षक नहीं मिल सके है नतीजन राज्य के सैकड़ो विद्यालयों के हजारो छात्र-छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इसलिए सरकार से अनुरोध है की झारखण्ड के नव उत्क्रमित विद्यालयों में शिक्षको की नियुक्ति जल्द से जल्द कराये ताकि बच्चो का भविष्य सुधर सके ।