राष्ट्र सेवा दल के प्रांतीय समिति की दो दिवसीय बैठक का समापन हुआ। बैठक में किसान आंदोलन, देश की राजनीतिक स्थिति, लोकतंत्र के खतरे आदि विषयों पर चर्चा हुई। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

शहीद कमाल ने बताया कि राष्ट्र सेवा दल के दो दिनों की बैठक में कई नए निर्णय लिए गए है खेती बिलकुल घाटे में हो गई है ,किसान कानून वापस लेने के बाद भी यह घाटा ख़त्म नहीं होगा। किसान के लाभकारी खेती को लेकर भी संघर्ष करेंगे। राष्ट्र की एकता अखंडता के लिए समतामूलक समाज की स्थापना के लिए संघर्ष जारी रखेगा। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

ज्वाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के शाखा कार्यालय में राष्ट्र सेवादल के राज्य कार्य कारिणी की बैठक दो दिन हुई। भागलपुर से उदय ने कहा कि तीन कृषि क़ानून की वापसी पूरी एक्टिविस्ट समूह की जीत है।निर्णय लिया कि राष्ट्र सेवादल के विस्तार के लिए छात्रों ,नवजवानों के बीच प्रशिक्षण की प्रक्रिया लगातार करेंगे पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

14 महीने से तीनों कृषि कानून को समाप्त करने की मांग को लेकर दिल्ली समेत देश भर में जारी संघर्ष के दौरान पीएम द्वारा कानून के खात्मे की घोषणा पर हर्ष व्यक्त करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा एवं भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को शहर के मालगोदाम चौक से विजयी जुलूस निकाला। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे 8 से अधिक किसानों को भाजपा के मंत्री अमित मिश्रा के बेटे द्वारा कुचलकर हत्या किये जाने से आक्रोशित अखिल भारतीय किसान महासभा से जुड़े किसानों ने प्रतिरोध मार्च निकालकर हत्याकांड का जिम्मेवार बताते हुए विरोध स्वरूप योगी- मोदी का पूतला फूंका.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

महंगाई, निजीकरण, कृषि कानून, बिजली विधेयक 2020, 4 श्रम कोड के खिलाफ सोमवार को आहुत भारत बंद के अवसर पर इनौस, ऐपवा, किसान महासभा, खेग्रामस, एक्टू, इंसाफ मंच, मनरेगा मजदूर सभा, निर्माण मजदूर यूनियन आदि संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने बैनर तले भाकपा माले के नेतृत्व में अपने-अपने हाथों में झंडे, चायनीज फेसटून आदि लेकर नारे लगाते हुए शहर के मालगोदाम चौक स्थित माले कार्यालय से बंदी जुलूस निकाला। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

*मज़दूर-किसानों के संगठनों के आह्वान पर आयोजित 25 सितंबर के भारत बन्द में पूरी ताकत से उतरेगा खेग्रामस और मनरेगा मज़दूर सभा-धीरेंद्र झा *कोरोना और अतिवृष्टि से बदहाल गांव-गरीबों को विशेष अनुदान दे सरकार- उमेश कुमार *मनरेगा मज़दूरों का आंदोलन तेज होगा- जीबछ पासवान *अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मज़दूर सभा की जिला कमिटी की बैठक सम्पन्न कृषि कानून एवं निजीकरण के खिलाफ 25 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में किसान- मजदूर सड़क पर उतरेंगे. इसके लिए प्रखंड से लेकर गांव- टोला स्तर पर किसान- मजदूरों की बैठक कर इसे मूर्त रूप दिया जाएगा. ये बातें भाकपा माले के पोलिट ब्यूरो सदस्य सह खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव का० धीरेंद्र झा ने मंगलवार को दरगाह रोड में खेग्रामस के जिला कमिटी की एक दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा. बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष का० उपेंद्र राय ने किया जबकि बैठक का संचालन जिला सचिव का० जीबछ पासवान ने किया. अधिवक्ता सुशील कुमार, प्रभात रंजन गुप्ता, सुरेश कुमार, दीपन राय, अशोक राय, विनय झा आदि ने बैठक में अपने- अपने विचार व्यक्त किया. 25 सितंबर को सरकारी संस्थानों के निजीकरण के खिलाफ भारत बंद को बड़ी भागीदारी दिलाकर सफल बनाने, जलनिकासी एवं फसल क्षति मुआवजा की मांग पर 13 सितंबर को माले कार्यालय से जुलूस निकालकर समाहरणालय पर प्रदर्शन में भागीदारी दिलाकर सफल बनाने का निर्णय समेत अन्य आंदोलनात्मक निर्णय लिया गया. माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार ने कहा कि बड़ी लड़ाई लड़ने के लिए पार्टी संगठन को मजबूत कर संगठन का जाल बनाना होगा. मौके पर माले प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये खेग्रामस जिला कमिटी के सदस्यों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया.

पश्चिम चम्पारण , आज दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसानों के शांतिपूर्ण धरना के 9 महीने पूरे होने को दुनिया का ऐतिहासिक आन्दोलन बताया और 6 सौ से अधिक धरनार्थियों के शहादत पर एक मिनट का मौन श्रद्धांजलि अर्पित करता है।संयुक्त किसान मोर्चा , बिहार राज्य किसान सभा द्वारा दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के साथ एकजुटता जाहिर करने के लिए 31 अगस्त को एक सप्ताह के लिए एक हजार की संख्या में दिल्ली जा रहे किसानों का स्वागत करता है।संयुक्त किसान मोर्चा , पश्चिम चम्पारण जिले में हो रहे खाद की कालाबाजारी को केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा किसान विरोधी नीतियों के आधार पर किसानों को तंग वो तबाह करने का सुनियोजित योजना बताया है । जिसका मतलब खेती से विरक्त्ति पैदा करना है । ताकि ये किसान स्वेक्षा से अपनी जमीन कारपोरेट जगत को दे सकें ।संयुक्त किसान मोर्चा , पश्चिम चंपारण केंद्र सरकार की इस घृणित कारवाई का कड़े शब्दों में तीखा विरोध करते हुए कहना चाहता है कि मोदी सरकार तथा डबल इंजन की बिहार सरकार अपनी काली करतूतों से बाज आवे और किसानों को खाद अविलंब उपलब्ध करावे। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

किसानों ने वर्षा से बर्बाद फसल का फसल क्षति मुआवजा मांगा * नव पदस्थापित कृषि समन्वयक का दो महीने बाद भी क्षेत्र भ्रमण क्यों नहीं- ब्रहमदेव प्रसाद सिंह * किसान विरोधी तीनों कृषि कानून वापस लें मोदी सरकार- रवींद्र प्रसाद सिंह वर्षा से बर्बाद फसल का फसल क्षति मुआवजा देने, ग्रामीण एवं बाजार क्षेत्रों से जल जमाव दूर करने, किसानों का केसीसी लोन माफ करने, कृषि समन्वयक एवं सलाहकारों का क्षेत्र भ्रमण करने, नये फसल लगाने को किसानों को नि: शुल्क बीज, खाद, कृषि संयत्र आदि देने, किसान विरोधी तीनों कृषि कानून वापस लेने, पशुपालकों को पशु शेड देने, पशुशेड में जारी अनियमितता पर रोक लगाने समेत अन्य किसान हित की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा से जुडें किसानों में मोतीपुर वार्ड -10 से जुलूस निकाला जो संपूर्ण वार्ड का नारे लगाकर भ्रमण किया. मौके पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में महासभा के प्रखण्ड अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि अनाज उत्पादक, पशुपालक, सब्जी उत्पादक, फल उत्पादक किसानों की स्थिति खराब है. वे किसानी छोड़ने को मजबूर हैं. उनकी योजनाओं में लूट- भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मजदूर नेता राजदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि क्षेत्र के किसानों के अनाज एवं सब्जी की लहलहाती फसल वर्षा में बर्बाद हो गया है. खेत में अभी भी पानी लगा है. इससे अगली फसल लगाना भी असंभव है. रविन्द्र प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, ललन दास, कैलाश सिंह, हित नारायण सिंह, मंजीत कुमार, रामबाबू सिंह, अनिल राय, विन्दा प्रसाद सिंह, मक्सूदन सिंह, प्रमेश्वर प्रसाद सिंह, मोतीलाल सिंह समेत अन्य किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया. उक्त आशय की जानकारी सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से देते हुए भाकपा माले प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यदि उक्त मांग को यथासमय पूरा नहीं किया जाता है तो आंदोलन तेज किया जाएगा.

किसान विरोधी तीनों काला कानून वापस लेने संशोधित श्रम कानून रद्द करने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं मक्का खरीदने किसानों का कर्ज माफी मनरेगा योजना से मजदूरों को रोजगार देने सहित अन्य मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा अखिल भारतीय खेतिहर मजदूर यूनियन के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आलोक में सरायरंजन प्रखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। किसान नेता सत्यनारायण सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों का जूलूस निकाला जो सरायरंजन बाजार में भ्रमण करते हुए मांगों से संबंधित गगनभेदी नारे के साथ सरायरंजन प्रखंड कार्यालय पहुंचा जहां किसान नेता सुरेश महतो की अध्यक्षता में सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता सत्यनारायण सिंह ने कहा केंद्र व राज्य सरकार किसान मजदूर विरोधी है। पूंजिपतियों के इशारे पर बेतहाशा महंगाई बढ़ा रहे हैं। संशोधित कृषि कानून वापस एवं श्रम कानून वापस लेने 2020के संशोधित बिजली कानून निरस्त करने का मांग किया। सभा को किसान नेता सुरेश महतो विष्णु वर्मा रघुनाथ राय पलटन शर्मा रामसागर पासवान उमेश कुमार लाल बहादुर पंडित रंजन कुमार चंदन कुमार वीणा देवी रामनाथ पासवान घुरण ठाकुर विरेंद्र इशर गणेश कुमार ने कहा संविधान की रक्षा महंगाई जलजमाव फसल छति मुआवजा नहीं मिला तो आगामी 9 अगस्त को भाजपा भगाओ देश बचाओ नारा को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष विशाल प्रदर्शन में शामिल होने का आवाहन किया। मांग पत्र सौंपा गया।