विद्यापतिनगर विघापतिधाम में आयोजित विघापति राजकीय महोत्सव के दौरान दूसरे दिन सोमवार संध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सुप्रसिद्ध लोकगायिका रंजना की प्रस्तुति से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। गायिका रंजना झा ने अपनी सुरीली आवाज की ऐसा जादू बिखेरा की उपस्थिति जनसमूह को रात का अहसास तक नहीं हुआ मखमली आवाज का जादू ऐसा छाया की भक्ति की सरिता में श्रोताओं ने खूब गोते लगाए । उनके साथ आये गायकों ने भी ने खुशनुमा माहौल में चार चांद लगा दिए । रंजना झा ने सुर, लय और ताल से ऐसा समां बांधा की उपस्थित श्रोता खड़े होकर तालियां बजाने को मजबूर हो गए। रंजना झा ने कार्यक्रम प्रस्तुति विद्यापति की गीत जय जय भैरवी असुर भयावनी पशुपति भाविनी माया ....से शुरुआत की। मंच से छाप तिलक सब छीन ली मोसे नैना मिलाइके, समा चकेवा की प्रस्तुति से सहित कजरी, सोहर आदि की सुरलहरियों से .... दर्शकों को खूब झुमाया।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

विद्यापति राजकीय महोत्सव के दुसरे दिन सोमवार की संध्या सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से जलवा बिखेरा आइडियल फेम मनियारपुर निवासी कुमारी सुप्रिया ने सत्यम शिवम सुंदरम...से अपने कार्यक्रम की शुरुआत की। तो श्रद्धालु के अंतर्मन के भाव झंकृत हो उठा। उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गूंज से इन कलाकारों का इस्तकबाल किया। एक राधा एक मीरा... की गायन से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। महाकवि विद्यापति की समाधिभूमि पर आयोजित दसवां विद्यापति राजकीय समारोह में कुमारी सुप्रिया ने संगीत प्रेमियों को गदगद कर दिया। अपने स्वर को सुशोभित करते हुए अगली प्रस्तुति पिया तोहसे नैना लागे रै... के जरिए महोत्सव में समा बांध दिया। श्रद्धालुओं ने मुक्त कंठ से सराहना की। वहीं बढ़ौना निवासी लोक गायिका भवानी शेखर ने अपनी प्रस्तुति की शुरूआत शिव नचारी का लेके शिव को मनायब हो शिव मानत नाही, बाबा लेले चलिहों हमरो अप्पन नगरी, किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाएं आदि की प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। मंच संचालक सुधीर पांडे ने अपने उद्घोषण से लोगों का दिल जीत लिया।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर से आ रही हैं जहाँ 10 वा विद्यापति राजकीय महोत्सव के मौके पर आज महोत्सव के दूसरे दिन दलसिंहसराय डीएसपी दिनेश कुमार पांडे के नेतृत्व में मिनी मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस बार की शुरुआत दलसिंहसराय से हुए जो 10 किलोमीटर की दूरी तय कर विद्यापति धाम पहुंची। इसमें दलसिंहसराय डीएसपी के अलावा पुलिस के कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया मिनी मैराथन के दौरान अधिकारी और युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। मिनी मैराथन दौड़ आयोजित करने का उद्देश्य युवाओं में महाकवि विद्यापति के प्रति जानने की उत्सुकता पैदा करना और देश और समाज के प्रति युवाओं की भागीदारी हो इसको लेकर किया गया। इस मौके पर दलसिंहसराय डीएसपी दिनेश कुमार पांडे ने कहा कि इस बार में शामिल जो युवा अच्छा प्रदर्शन किए हैं उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर से आ रही हैं जहाँ प्ले बैक सिंगर देवाशीष दास गुप्ता ने गायन से महोत्सव को यादगार बना दिया। आराध्य शिव की स्तुति से देवाशीष का गायन कई भक्ति गीत से गुजरते हुए सुरों के बेताज सम्राट मो. रफी के तराने में तब्दील हो गया। आंख सुबह जब मै खोलू, जब शिव शंकर बोलू, भोले तेरी कृपा से, ऐसी वाणी बोलिए, मंगल भवन अमंगल हारी सुन लोगों का मन विभोर हो गया। मोहम्मद रफी के गाये गीत क्या हुआ तेरा वादा, लिखे जो खत तुम्हें, ये रेशमी जुल्फे, पत्थर के सनम सुन संगीत की शाम जवां हो गई, इसके साथ ही इनके गाए कई गीत सांस्कृतिक चेतना को जगा गया।

विद्यापतिधाम में कवियों की महफिल सजेगी। कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के नामचीन कवि आयेंगे। उनके कविता पाठ, गीत, हास्य और व्यंग से विश्व धरोहर, विद्यापतिनगर और समस्तीपुर जिला गूंज उठेगा। कवि सम्मेलन में काव्य की सरिता बहेगी। खासकर हास्य और श्रृंगार रस, इश्क, मोहब्बत, सामाजिक, राजनीतिक के अलावा अन्य विषयों से संबंधित रचनाओं की प्रस्तुति लोगों को खूब हंसायेंगे।वहीं शाम को रंजना झा,राकेश कुमार राजू और स्थानीय कलाकार कुमारी सुप्रिया द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। महोत्सव के अंतिम दिन आठ नम्बर को स्थानीय स्कूली बच्चों द्वारा संगीत प्रतियोगिता, क्विज और रंगोली प्रतियोगिता के साथ कार्यक्रम का समापन किया जायेगा।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

किसी मोहल्ले में 10-20 लोगों का समूह जो किसी सामाजिक और आर्थिक उद्देश्य के लिए बनाया जाता है, स्वयं सहायता समूह कहलाता है। अधिकांश स्वयं सहायता समूहों का मुख्य उद्देश्य अपने सदस्यों के बीच बेहतर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। ग्रामीण गरीबों के मध्य संगठन की भावना को सशक्त करना। समूह के सदस्यों में बचत की आदत डालना। सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया से जोड़ना।खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें। 

समस्तीपुर जिले के विद्यापति नगर प्रखंड अंतर्गत विद्यापति धाम में आज के तीन दिवसीय विद्यापति राजकीय महोत्सव का आगाज हो गया। 6 नवंबर से 8 नवंबर तक चलने वाले इस राजकीय महोत्सव का उद्घाटन वित्त और वाणिज्य कर मंत्री विजय कुमार चौधरी, पूर्व मंत्री मदन मोहन झा, एमएमसी तरुण कुमार, डीएम योगेंद्र सिंह और एसपी ह्रदय कांत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस महोत्सव के प्रथम दिन सतेंद्र कुमार और देवाशीष दास गुप्ता के द्वारा संगीत एवं भजन की प्रस्तुति की गई। वहीं महोत्सव के अगले दिन 7 नवंबर की दोपहर कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। वहीं शाम को रंजना झा ,राकेश कुमार राजू और स्थानीय कलाकार कुमारी सुप्रिया के द्वारा प्रस्तुति की जाएगी। वहीं महोत्सव के अंतिम दिन 8 नवंबर को स्थानीय स्कूली बच्चों के द्वारा संगीत प्रतियोगिता, क्वीज और रंगोली प्रतियोगिता के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कवि विद्यापति के श्रृंगार रस से जुड़ी कविताओं में महिलाओं की महत्ता से नीतीश कुमार के महिला विकास से जोड़कर यहां तक कह दिया कि नीतीश कुमार कवि विद्यापति के सच्चे अनुयायी है। महिला विकास बात की जाय तो देश ही नही आज पूरी दुनिया मे नीतीश कुमार का नाम लिया जाता है। वहीं इस मौके पर विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने कवि विद्यापति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनके नाम पर हो रहे इस राजकीय समारोह के आयोजन को लेकर सरकार और जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के विद्यापति नगर से मोबाइल वाणी संवाददाता राजकुमार ठाकुर ने बताया की बदलते मौसम के अनुसार लोगों को भी अपनी वातावरणीय परिवेश में बदलाव लानी चाहिए। खासकर मौसम बदलने से जीव जंतुओं के साथ किसान भाइयों पर भी असर देखने को मिल रहा है। किसान भाइयों को वातावरण के अनुकूल फसल लगाने से अच्छे फसल में वृद्धि होंगे जिससे फसल ससमय विकास होंगे तो फिर उसका भौतिक पूंजी भी प्राप्त होंगे।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

तीन दिवसीय 10वें विद्यापति महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में, अतिथियों के आवासन आदि का कार्य जोरों पर चल रहा महाकवि विद्यापति जी की समाधि भूमि और देव नगरी विद्यापतिधाम में आगामी 6 से 8 नवम्बर तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय दसवें विद्यापति महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में है। समारोह का उद्घाटन बिहार सरकार के वित्त, वाणिज्यकर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी करेंगे। वहीं बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग मंत्री जितेंद्र कुमार राय मुख्य अतिथि होंगे। इस तीन दिवसीय राजकीय महोत्सव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पूरी तैयारी की जा चुकी है। समारोह को लेकर मंदिर परिसर और विद्यापति स्मारक की साफ-सफाई व सजावट, लाइटिंग, पंडाल निर्माण, मुख्य मंच निर्माण कार्य, बेरेकेटिंग, साउंड सिस्टम, पार्किंग स्थल सहित अतिथियों के आवासन आदि का कार्य जोरों पर चल रही है। सीओ अजय कुमार ने बताया कि महोत्सव की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। महोत्सव को लेकर विद्यापतिधाम उगना महादेव मंदिर, विद्यापति स्मारक सहित आसपास के इलाके में रंग-रोगन कराने के उपरांत प्रकाश की भी पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा गैलरी युक्त भव्य पंडाल का निर्माण करवाया गया है। ताकि आगंतुकों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

दाखिल-खारिज में लागू होगा ‘फीफो’, CO की मनमानी रोकने को लेकर नई व्यवस्था लागू करने जा रही सरकार, जानें क्या है FIFO… ऑनलाइन दाखिल-खारिज में अंचल कर्मियों की मनमानी रोकने के लिए बिहार सरकार ‘फीफो’ लागू करने पर विचार कर रही है। FIFO यानि पहले आओ पहले पाओ। यह व्यवस्था लागू करने के बाद म्युटेशन के जो आवेदन पहले आएंगे, उसका निपटारा पहले करना अंचल कर्मियों की मजबूरी होगी। इससे अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारी और डाटा इंट्री ऑपरेटरों जैसे अंचलकर्मी म्युटेशन के मामलो में पिक एंड चूज नहीं कर पाएंगे। इसको लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता ने आज बैठक में इस विषय की समीक्षा की और विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। फीफो को पहले मॉडल के तौर पर कुछ अंचलों पर लागू किया जाएगा और फिर उससे प्राप्त इनपुट के आधार पर इसे पूरे बिहार के सभी 534 अंचलों में लागू किया जाएगा। बैठक में उन अंचलों के बारे में चर्चा की गई, जिनमें प्रारंभिक तौर पर फीफो को लागू किया जा सकता है। फीफो को शुरूआत में हाजीपुर, समस्तीपुर, भागलपुर, सीवान और नवादा के कुछ अंचलों में लागू करने की संभावना पर विचार किया गया। इनमें कुछ बड़े तो कुछ छोटे, जबकि कुछ सदर और कुछ दूर-दराज के अंचल हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने आमलोगों की शिकायतों के समाधान की विभागीय व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने लोगों की शिकायतों को सूचीबद्ध करने के लिए ई-मेल और व्हाट्सअप नंबर जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही शिकायतों के समय सीमा के भीतर निपटारे की मुकम्मल व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। इसके लिए विभाग में एक सेल बनाने का आदेश दिया गया, जो ऑनलाइन माध्यम से आई शिकायतों के निपटारे की मॉनिटरिंग करेगी। राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बगैर वाजिब कारण के दाखिल खारिज के मामलों को अस्वीकृत नहीं किया जाए। अगर सही वजहों से दाखिल खारिज के किसी मामले को अस्वीकृत करना अगर आवश्यक हो तो भी उसके बारे में विस्तार से और लिखित में बताया जाए। साथ ही अस्वीकृत करने से पहले जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए आवेदक को एक मौका जरूर दिया जाए। अंचल कार्यालय समेत सभी राजस्व कार्यालयों में किसी भी मामले की सुनवाई दोबारा नहीं होगी। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि दाखिल खारिज समेत कई मामले खारिज किए जाने के बाद दोबारा दायर कर दिए जाते हैं और दूसरी बार उनका निष्पादन कर दिया जाता है। इस प्रवृति पर रोक लगाए जाने की जरूरत है। मंत्री महोदय ने कहा कि 30 नवंबर तक जरूरी तकनीकी उपबंध कर दिए जाएं, ताकि उसके बाद इस तरह की शिकायत नहीं आए। मंत्री आलोक मेहता ने यह भी कहा कि अंचल अधिकारी बगैर कारण बताए आवेदन अस्वीकृत कर रहे हैं, जिससे विभाग की बदनामी हो रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग भी विभागीय स्तर से और कड़ाई से करने का निर्देश भी उपस्थित अधिकारियों को दिया गया। सभी कर्मियों की जिम्मेदारी तय होगी और जो भी अंचल कर्मी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने हाल की कुछ घटनाओं पर चिंता जाहिर की, जिसमें न्यायिक आदेशों के अनुपालन में जमीन खाली कराने के मामले सामने आए हैं। उनकी चिंता इस बात को लेकर थी कि वास भूमि खाली कराने से पहले गरीब लोगों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था नहीं की गई थी। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऑपरेशन बसेरा के तहत आवंटित किसी जमीन पर अगर न्यायालय में कोई मामला प्रक्रियाधीन हो तो न्यायालय के फैसले का इंतजार करने की जगह तत्काल उनके आवासन हेतु जमीन की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने यह भी कहा कि सूबे में जिन गरीबों के पास वास की जमीन उपलब्ध नहीं है, उन्हें वास हेतु जमीन उपलब्ध करायी जाएगी। यह महागठबंधन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। अगर गांव में सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होगी तो खरीद कर वास की जमीन दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि क्रय नीति के तहत निर्धारित 60 हजार की सीमा को बढ़ाकर दोगुना करने पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने 37,391 चिन्हित वासभूमि विहीन परिवारों को चालू वित्तीय वर्ष में आवास की भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिया।