बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता रत्न शंकर जानकारी दे रहे हैं की विद्यापतिनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसूताओं के लिए भोजन व नाश्ते का कोई इंतजाम नहीं। उन्हें बेड पर बिछाने व ओढ़ने के लिए चादर भी नहीं दी जाती। मंगलवार को जब मीडिया की टीम पहुंची तो व्यवस्था की पोल खुल गई। अस्पताल में तीन प्रसूता भर्ती थीं। तीनों बेडों पर चादर नहीं बिछी थी। प्रसूता अपने घरों से लाईं नाश्ता की थी। पत्रकार ने प्रसूताओं से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि अस्पताल से न तो उन्हें भोजन मिला और न ही नाश्ता। इस पर स्टाफ से जानकारी की तो बताया गया कि चादरें धुलाई के लिए गईं हैं, इसी वजह से बेड पर नहीं बिछीं।अस्पताल का सबमर्सिबल पंप खराब है। हैंडपंप से मरीज प्यास बुझाते हैं। एक माह में 44 प्रसव हुए, लेकिन किसी भी प्रसूता को नाश्ता और भोजन नहीं दिया गया। प्रसूताओं को बिना चादर के फटे गद्दे वाले बेड पर भर्ती किया जाता है। एएनएम कौशल्या देवी ने बताया कि जो व्यवस्थाएं उन्हें मिल रही हैं, वही मरीजों को दे रही हैं। न चादर है और न ही प्रसव के दौरान इस्तेमाल होने वाले ग्लब्स। अस्पताल में सफाई कर्मी न होने से परिसर में पीछे घास खड़ी है। खांसी और जुकाम की दवा लेने आए रोहित कुमार ने बताया कि उन्हें दवा मिल गई है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि डॉक्टर ने उन्हें देखा या फार्मासिस्ट ने। वही बोचहा की कंचन का कहना है कि गेट के पास लगे वाशबेसिन में पानी नहीं आ रहा है।