विद्यापतिनगर। प्रखंड के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में चल रहे मासिक मूल्यांकन परीक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है, कहीं कक्षा में बैठने की समस्या तो कहीं सड़क के किनारे बैठकर परीक्षा देने को मज़बूर है छात्र। प्रखंड के कई ऐसे विद्यालय है जहां की स्थिति निराश करने वाली है, यहां एक ही कमरे में सौ से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है तथा खिड़की एवं पंखे के अभाव में बच्चे उमस भरी गर्मी का सामना कर रहे हैं। प्रखंड के उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वाजिदपुर की तस्वीर चौंकाने वाली है, इस विद्यालय के दोनों ओर मुख्य सड़क है। ऐसे में यहां बच्चे सड़क से सटे तीन फीट की चौड़ाई वाले बरामदे में बैठकर किसी प्रकार मासिक मूल्यांकन परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। वहीं विद्यालय का प्रत्येक कमरा छात्रों से खचाखच भरा था, तो दूसरी ओर कुछ बच्चे बगल के एक मंदिर के छत पर बैठकर परीक्षा देते नजर आए। इस बाबत विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका चंदा प्रियदर्शिनी ने बताया कि इस विद्यालय में वर्ग कक्ष एवं शिक्षकों का घोर अभाव है, कमरे की कमी के कारण बच्चों को सड़क किनारे बैठाना मजबूरी है, दूसरी ओर बैंच-डेस्क के अभाव में अधिकांश बच्चों को जमीन पर ही बैठना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय में पहली से बारहवीं तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए महज 6 शिक्षक पदस्थापित है, जिसमें एक शिक्षक लम्बे समय से अवकाश पर हैं। केबल पांच शिक्षक ही विद्यालय में कार्यरत हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने बताया कि आज विद्यालय में तकरीबन 550 बच्चे परीक्षा दे रहे हैं, सभी को एक साथ बैठाने में परेशानी हो रही है। इधर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शबनम कुमारी के द्वारा दूरभाष पर स्थिति से संबंधित कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई तथा कहा गया कि विद्यालय के पास भूमि का अभाव है, इस संबंध में बरीय पदाधिकारी को अवगत कराया गया है।
