विद्यापतिनगर सरकार शिक्षा के प्रचार -प्रसार पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाई जा सके, इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। हैरत की बात है कि इन सब के बावजूद अब भी कई ऐसे विद्यालय हैं जो बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। ऐसा ही एक विद्यालय है। प्रखण्ड स्थित विद्यापति प्लस टू विद्यालय मऊ बाजिदपुर उतर। महज 8 कमरे के भरोसे ही ये हाई स्कूल संचालित हो रहा है। 10 कमरों में से दो कमरे जर्जर हालत में हैं। इस तरह 1479 स्टूडेंटस महज 8 छोटे कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं। 15 साल पूर्व इस विद्यालय को +2 उच्च विद्यालय के रूप में अपग्रेड कर दिया गया है। ऐसे में यहां दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स कहां बैठेंगे और कहां +2 स्टूडेंट्स की कक्षाएं संचालित होंगी। यह भी एक बड़ी चुनौती है। एक दशक पहले तक वर्ग कक्ष के कमरों में पठन पाठन का काम होता रहा। हालांकि वक्त के साथ भवन की बुनियाद कमजोर होती चली गईं। जिसके चलते दो कमरे जर्जर हो चुके हैं। ये कमरे बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। किसी भी वक्त ये कमरे ढह सकते हैं। इस विद्यालय में कुल 1479 छात्र -छात्राओं ने नामांकन करा रखा है। हालांकि पर्याप्त कमरा न होने की वजह से कभी कभार ही अधिकांश स्टूडेंट्स विद्यालय पहुंचते हैं। हैरत की बात है कि बुनियादी सुविधाओं से जूझते इस विद्यालय को अपग्रेड कर साल 2008 में प्लस टू का दर्जा दे दिया गया। हालांकि इसके बाद अब तलक न जर्जर भवन का निर्माण कराया गया। न ही प्लस टू के नए सत्र को देखते हुए नई बुनियाद ही खड़ी की गई। साथ ही अब तक दो शिक्षक ही बहाल किए गए। ऐसे में दाखिला ले चुके 618 स्टूडेंट्स कहां पढ़ेंगे। ये भी एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
