विद्यापतिनगर। जिला प्रशासन भले ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर बड़ी संख्या में छह साल तक की उम्र के बच्चों को पोषण के साथ प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने की बात करें। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई देती है। स्थिति यह है कि प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों पर कहीं बीस, कहीं दस तो कहीं केवल एक-दो बच्चे दिखाई देते हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
