समस्तीपुर के मोरदीबा स्थित कोविद पेशेंट भर्ती केंद्र में रोगी की सेवा में रातदिन लगी स्थानीय विशनपुर निवासी आशा कार्यकर्ता संगीता संगम जब खुद पोजिटिव हो गई तो उसे खुद का ईलाज के लिए दर- दर की ठोकर खानी पड़ी. बतौर संगीता उनके पोजिटिव होने की खबर सुनने के बाद सहकर्मी एवं अधिकारी उनकी सुधी लेना तो दूर आवश्यक दवा लेने गये उनके बेटे को चाभी नहीं होने का बहाना बनाकर लौटा दिया गया. किसी तरह वे निजी अस्पताल में अपना ईलाज करा रही हैं. ये सिर्फ एक आशा की नहीं बल्कि दर्जनों आशा की कहानी है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
