हम सभी प्रकृति योद्धा अपने संसाधनों से अपनी क्षमताओं के अनुसार वृक्ष लगाते जा रहे । सरकार विकास के नाम पर वृक्षों की कटाई करते जा रही जिसके चलते दिन प्रतिदिन वन क्षेत्र का प्रतिशत कम होते जा रहे ।सरकारी ज्ञानी लोग अज्ञानी बने हूए. है कभी रोड चौकडीकरण ,कही फैक्ट्री निर्माण के चलते ,कही डायमड निकसी के चलते प्रति वर्ष देश मे करोडों वृक्ष काटे जा रहा है । कोर्ट के द्वारा आंकलन भी की गई है जितने वृक्ष काटे जा रहे है उसका आर्थिक मूल्य ,योजनाओं के मुल्य से बहुत अधिक है ।फिर जाने कयो विकास के नाम पर वृक्ष काटे जा रहे यह दलील दी जा रही है जितने वृक्ष कटगे उतना लगा दिया जाऐगा । ईसका भी मुलयाकंण होना चाहिए पिछले आठ वर्षों विकास के नाम पर वृक्ष काटे गये उसी अनुपात वृक्ष लगाऐ गये या नहीं । विकास पैमाने पांच तत्वों मे विकास ,यह कैसा विकास हो रह है तापमान बढते जा रहे ,पानी पताल की ओर जा रहे वायु मे ऑक्सीजन की मात्रा घटते जा रही ,जिसके वायु जहरीला होती जा रही ईसका,दुष प्रभाव जींव जंतु, मानव,के साथ साथ वृक्ष पर पड रही है पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।  हम प्रकृति योद्धा कब तक प्रकृति के साथ हो रहे अत्याचार को सहते रहगे । लाचार होकर प्रकृति का फेफडा ,लीवर हृदय सब रोग ग्रस्त हो जाऐगे ।जब प्रकृति ही रोगी हो जाऐगी तो धरती जीव जंतु ,मानव के साथ साथ बचे हुऐ वृक्ष भी नष्ट हो जाऐगे । आम आवाम यस आवाज उठनी चाहिए हमे डायमड नहीं चाहिऐ ,हमे कृत्रिम ऑक्सीजन नही प्रकृति ऑक्सीजन चाहिए आम आवम से अपील करना चाहगे हम बिसरेली पानी पी सकते ,साफ कपडा पहन सकते ,साफ मकान मे रह सकते है ,स्वचछ भोजन खा सकते है स्वचछ वायु कयो नहीं जब कि क्षण क्षण वायु लेते एक मिनट भी ईसके बिना जी नहीं सकते । जहरीला वायु के सहारे शरीर के कण कण जहर हर क्षण ले रहे आम आवम से अपील करता चले अब प्रकृ धर्म निभाऐ जीव जंतु मानव के रक्षा हेतु अभियान का हिस्सा बने पुरे देश विकास के नाम कटते वृक्ष के संरक्षण हेतु एक बार चिपको आंदोलन की शुरुआत करे