भाकपा माले दिल्ली में लगातार आठ दिनों से लाखों किसानों का दिल्ली में कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन पर पुलिस दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में एवं किसानों के समर्थन में आज उजियारपुर प्रखंड के हरपुर रेवाड़ी समथू पंचायत भवन पर किसान, मजदूर, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजिवियो एवं भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। आन्दोलनकारी किसानों पर पुलिस दमनात्मक कार्रवाई बन्द करने, तीनों कॄषि कानून रद्द करने, बिना शर्त किसानों से वार्ता करने, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करने, बिजली कानून 2020 वापस लेने की मांग कर रहे थे। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नए कृषि कानून के नाम पर किसानों को गुलाम बनाया जा रहा है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लाखों किसान दिल्ली कूच कर गये हैं और उनके समर्थन में पूरे देश में किसान विद्रोह करने वाले हैं। जो सरकार किसान का नहीं हो सकता है वह हिंदुस्तान का नहीं हो सकता है। सरकार देश को बेच कर कम्पनी राज स्थापित करना चाहती है। खुद यह सरकार सार्वजनिक संपत्ति और सन्थानो को बेच कर नीजि कम्पनियों को मजबूत करने में लगी हुई है। मोदी सरकार पहले ही रेलवे, हवाई अड्डा, एलआईसी, बैंक, बीमा, कल कारखाने एवं खान को या तो बेच दिया है या फिर नीजि कम्पनियों के हवाले कर दिया। उत्पादन के सबसे बड़े क्षेत्र में भी पूँजीपति का खुलेआम प्रवेश कराया जा रहा है जिससे इस देश के किसान मजदूर गुलाम होंगे। देश की आर्थिक अर्थव्यवस्था पहले ही जहाँ ध्वस्त हो चुकी है और शिक्षा व्यवस्था चौपट हो चुका है। धरना की अध्यक्षता रघुवीर कुमार ने की।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।