कृषि कानूनों के विरोध में फूंका पुतला समस्तीपुर : कृषि कानूनों और बिजली बिल 2020 को वापस लेकर दिल्ली में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में बुधवार को समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड के बाजार क्षेत्र के गांधी चौक पर अखिल भारतीय किसान महासभा एवं भाकपा माले ने संयुक्त रूप से जुलूस निकालकर उक्त कानून का पूतला फूंका गया। मोतीपुर खैनी गोदाम से नारे लिखे तख्तियां, झंडे, बैनर लेकर संगठन द्वय के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला जो मुख्य मार्गों का नारे लगाते हुए भ्रमण कर गांधी चौक पहुंचकर एक सभा का आयोजन किया। अध्यक्षता किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने किया। ऐपवा जिलाध्यक्ष सह माले नेत्री बंदना सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने आहूत सभा को संबोधित किया। बतौर मुख्य वक्ता सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि रेल, जहाज, बैंक, एलआईसी, एचपीसीएल, बीएसएलएन, लालकीला आदि कारपोरेट कंपनीयों को सौंपने के बाद मोदी सरकार कृषि एवं कृषि उत्पादों को अडानी- अंबानी को सौंपना चाहती है। सरकार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने से कतरा रही है। किसानों को कारपोरेट और विचौलिया के चंगुल में फंसाया जा रहा है। इसे देश के किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने दिल्ली में किसान आंदोलन पर सरकार के इशारे पर की गई पुलिसिया दमन की निंदा करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जो सरकार किसानों से टकराई है, वो सरकार जमिंदोज हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर उक्त काला कानून वापस नहीं लिया गया तो मोदी सरकार को भी किसान सत्ता से उखाड़ फेकेंगे।
