एसएफआई कार्यकर्ता ने सरकार के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन भारत का छात्र फेडरेशन एसएफआई अंचल कमिटी विभूतिपुर के कार्यकर्ताओं ने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ कफिल खान कि रिहाई की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत अपने अपने घरों पर उत्तर प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।इस मौके पर एसएफआई जिलाध्यक्ष अवनीश कुमार ने कहा कि आज से लगभग तीन साल पहले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में चर्चित ऑक्सीजन कांड में 60 बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हो गई थी। डॉ कफिल खान ने सरकार के कमियों को उजागर करने का काम किया था। उसके बाद यूपी सरकार ने उल्टे डॉ खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल के अंदर बंद कर दिया था। पूरे देश में विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने उन्हें रिहा किया था। मुजफ्फरपुर के चमकी बुखार में उनका अहम योगदान था। पटना जल जमाव में वे जगह जगह कैंप लगाकर लोगों का ईलाज और मुफ्त दवा वितरण किए थे। एन आर सी और सी ए ए के विरोध में देश के अंदर जगह जगह जाकर विरोध प्रदर्शन किए थे। उसके बाद सरकार ने उन पर रासुका लगाकर जेल के अंदर बंद कर दिया। जो लोकतंत्र की हत्या का एक उदाहरण है।एक तरफ कोरोना काल में डॉक्टर एक देश की सीमा लांघकर दूसरे देश में सेवा कर रहे हैं। वहीं अपने देश में एक कुशल डॉक्टर को जेल के अंदर बंद करना केंद्र सरकार के लिए शर्म की बात है।उधर पतैलिया, विभूतिपुर, शाहपुर और बोरिया में जिलमंत्री संतोष कुमार सेंटू, जिला कमिटी सदस्य कंचन कुमारी, वीरेंद्र कुमार, अंचलमंत्री सूरज कुमार, अंचल अध्यक्ष राघवेन्द्र कुमार, सौरभ कुमार, मनीषा कुमारी, श्वेता कुमारी, प्रियंका कुमारी, रजनीश कुमार, प्रिंस कुमार आदि ने अपने अपने घरों पर विरोध प्रदर्शन किया। साथही एसएफआई राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया खासकर ट्विटर पर डॉ कफिल खान की रिहाई को लेकर प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी आवाज को बुलंद कर सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी।
