झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से कूप अंसारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में लगभग अस्सी प्रतिशत कामकाजी महिलाएं कृषि क्षेत्र में हैं।लेकिन भूमि पर मालिकाना हक़ न होने और पुरुष प्रधान सामाजिक संरचना के कारण उन्हें किसान के रूप में मान्यता नही मिलती है।जमीन आम तौर पर पिता,भाई या पति के नाम होती है।खुद के नाम जमीन ना होने के कारण महिलाएं कर्ज,कृषि ऋण,माफ़ी,सरकारी योजनाएं,इत्यादि जैसे अधिकारों से वंचित रह जाती हैं।
